
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। फर्जी मोबाइल एप के जरिए लखनऊ निवासी एक व्यक्ति से 21.17 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर सेल की जांच के बाद आजमगढ़ के एक युवक और उसके लखनऊ निवासी साथी के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी की रकम का हिस्सा आरोपी के बैंक खाते में भेजा गया था, जिसे एटीएम से कई बार में निकाल लिया गया। पुलिस के मुताबिक, लखनऊ के सरोजनीनगर निवासी संजय महरोत्रा ने एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि फर्जी मोबाइल एप के माध्यम से उनसे 21.17 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। शिकायत के आधार पर साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की। वहीं जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से 90 हजार रुपये 28 नवंबर 2025 को एक बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। तकनीकी विश्लेषण से यह भी सामने आया कि उसी दिन लखनऊ में एटीएम के जरिए नौ बार में पूरी रकम निकाल ली गई। बैंक खाते की जांच में उसकी पहचान आजमगढ़ शहर के आसिफगंज निवासी मो. जैद के रूप में हुई। पूछताछ में मो. जैद ने बताया कि उसकी पहचान ऑनलाइन PUBG गेम खेलने के दौरान लखनऊ निवासी ताहा से हुई थी। ताहा ने अधिक पैसे कमाने का लालच देकर उसका बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया और खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेनदेन के लिए किया। इसके बदले उसे 5 हजार रुपये कमीशन भी मिला था। वहीं साइबर सेल की जांच में यह भी सामने आया कि मो. जैद का बैंक खाता एक अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामले में भी इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने मो. जैद और ताहा के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी में सहयोग सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
