रिपोर्ट______अरुण यादव

आजमगढ़। जिले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने देशभर में फैले एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब 84 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी फर्म के बैंक खाते साइबर ठगों को कमीशन पर उपलब्ध कराते थे। इन खातों के जरिए ऑनलाइन ट्रेडिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लोगों से ठगी की रकम का लेन-देन किया जाता था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्रतिबिंब पोर्टल पर मिले एक संदिग्ध बैंक खाते की जांच की। जांच में पता चला कि NIHASA MANPOWER SERVICES PVT. LTD. के नाम से संचालित एक्सिस बैंक खाते के खिलाफ 20 राज्यों से 73 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज हैं। इन शिकायतों में कुल 83 करोड़ 94 लाख 17 हजार 664 रुपये की साइबर ठगी का विवरण मिला।

चार दिन में खाते से हुआ 4.85 करोड़ का लेन-देन

जांच में सामने आया कि 14 नवंबर से 18 नवंबर 2025 के बीच उक्त खाते में 4 करोड़ 85 लाख 21 हजार 110 रुपये का लेन-देन हुआ। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आनंद रॉव, सुनील और प्रशांत सिंह उर्फ लकी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अहम तथ्य सामने आए, जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

कमीशन के लालच में दिया बैंक खाता

पुलिस के अनुसार, फर्म के निदेशक आनंद रॉव और सुनील ने अपनी कंपनी का बैंक खाता कमीशन के बदले साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। प्रशांत सिंह उर्फ लकी ने खाते की जानकारी अपने सहयोगी मोनू सिंह तक पहुंचाई। इसके बाद इसी खाते के माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन किया गया और तय प्रतिशत के अनुसार आरोपियों को कमीशन मिलता रहा।

यह सामान हुआ बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और 3,860 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

20 राज्यों से जुड़ा है नेटवर्क

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खाते से देश के 20 राज्यों में दर्ज 73 साइबर शिकायतें जुड़ी हुई हैं। मामले में अन्य आरोपियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है। साथ ही साइबर ठगी की रकम के अंतिम लाभार्थियों का भी पता लगाया जा रहा है।