
रिपोर्ट______अरुण यादव
जहानागंज (आजमगढ़)। शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 32 लाख रुपये हड़पने और रकम वापस मांगने पर गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप में जहानागंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बड़ौरा बुजुर्ग गांव निवासी प्रदीप कुमार पुत्र चुन्नीलाल की तहरीर पर महराजगंज थाना क्षेत्र के भीलमपुर निवासी राजेश यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 352 और 351(4) के साथ एससी/एसटी अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है। प्राथमिकी तीन सितंबर 2026 की रात 9:23 बजे दर्ज की गई।
नौकरी के नाम पर लिए 32 लाख रुपये
प्रदीप कुमार का आरोप है कि राजेश यादव ने वर्ष 2018 से शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे और उनके चाचा से अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से करीब 22 लाख रुपये लिए। इसके अलावा 10 लाख रुपये नकद भी दिए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि नकद रकम देने से संबंधित वीडियो भी उसके पास मौजूद है। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने एक नियुक्ति पत्र भी दिया। इसके बाद 18 जुलाई 2024 को उच्च शिक्षा निदेशालय, निशातगंज, लखनऊ के सचिव के नाम से एक अन्य नियुक्ति पत्र मिलने की बात सामने आई। शिकायतकर्ता के अनुसार, जांच कराने पर यह नियुक्ति पत्र भी फर्जी पाया गया।
रुपये वापस मांगने पर धमकी का आरोप
प्रदीप कुमार का आरोप है कि जब उसने आरोपी से अपने 32 लाख रुपये वापस मांगे, तो वह गाली-गलौज करने लगा। आरोप है कि आरोपी ने जान से मारने की धमकी देने के साथ जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, नौकरी दिलाने के नाम पर उससे छल-कपट कर रकम ली गई और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उसे गुमराह किया गया।
एसपी को शिकायत के बाद कोर्ट की शरण
प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले में उसने 19 जून 2026 को रजिस्ट्री के माध्यम से पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को लिखित शिकायत भेजी थी। आरोप है कि पुलिस स्तर से कार्रवाई न होने के बाद उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर जहानागंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी क्षेत्राधिकारी नगर आस्था जायसवाल को सौंपी गई है। पुलिस जांच के बाद आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
