रिपोर्ट_____अरुण यादव

आजमगढ़। जिले में माखनचोर की मुस्कान, बाल गोपाल का मनोहारी श्रृंगार और चारों ओर गूंजते ‘राधे-राधे’ व ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से ग्राम मोजरापुर स्थित प्राचीन श्री पांडेश्वर नाथ मंदिर का वातावरण बुधवार को पूरी तरह कृष्णमय हो गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपरांत मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण बरही उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। बाल गोपाल के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए स्थानीय सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

वहीं बरही उत्सव को लेकर मंदिर परिसर को फूलों, दीपों और रंग-बिरंगी झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का विशेष श्रृंगार कर उन्हें झूले पर विराजमान कराया गया। वेद मंत्रोच्चार और श्रीकृष्ण स्तुति के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद भजन-कीर्तन और संकीर्तन से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।

उत्सव के दौरान स्थानीय कलाकारों ने बाल गोपाल की विभिन्न लीलाओं का मनोहारी मंचन किया। वहीं बच्चों ने राधा-कृष्ण और गोप-गोपियों की वेशभूषा में रासलीला प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के मंचन के दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा। कार्यक्रम के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

आयोजक एवं प्रमुख समाजसेवी रामचंद्र यादव तथा भाजपा नेता संजय कुमार यादव ने मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण बरही का यह आयोजन कई वर्षों से निरंतर आयोजित होता आ रहा है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और भक्ति की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना है। आयोजकों ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा, श्रद्धा और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है।