रिपोर्ट_____अरुण यादव

आजमगढ़। जिले की मेहनगर तहसील क्षेत्र के इनवल गांव में सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध कब्जे और पक्का निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में गांव निवासी चंद्रराज यादव पुत्र चौथी यादव ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस संबंध में कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, इनवल गांव की गाटा संख्या 171 और 172 राजस्व अभिलेखों में उत्तर प्रदेश सरकार की भूमि के रूप में दर्ज है। इसके अलावा गाटा संख्या 39 और 53 को परती/सार्वजनिक उपयोग की भूमि बताया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन जमीनों पर कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कराया जा रहा है।

सीमांकन के बाद भी निर्माण जारी रहने का आरोप

शिकायतकर्ता ने पत्र में कहा है कि संबंधित भूमि के संबंध में पूर्व में सीमांकन की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य पर प्रभावी रोक नहीं लगने का आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 21 मई 2026 से 12 अक्टूबर 2026 तक कुल 28 प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।

आरोप है कि 4 सितंबर 2026 को निर्माण की कार्रवाई रोके जाने के बाद 11 अक्टूबर 2026 से दोबारा दीवार निर्माण शुरू किए जाने की सूचना मिली। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि विपक्षी पक्ष द्वारा तहसील से जिलाधिकारी कार्यालय तक धनराशि देने की बात कहकर भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से संबंधित राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित कर सभी विवादित गाटा नंबरों का अभिलेखों के आधार पर दोबारा सीमांकन कराने की मांग की है। साथ ही मौके का स्थलीय निरीक्षण कर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और अवैध कब्जा पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की अपील की है।

प्रार्थना पत्र में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि अतिक्रमण की पुष्टि होने पर सक्षम अधिकारी नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई करें तथा संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर विधिक प्रक्रिया पूरी की जाए।

15 दिन में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की मांग

चंद्रराज यादव ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई और लंबित प्रक्रिया की लिखित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने मामले में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने और सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की अपील की है।

अब देखना होगा कि शिकायत पर जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।