रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़। एक समय था जब आजमगढ़ को गंदगी और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में आजमगढ़ नगर पालिका परिषद ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया है। बीते वर्ष प्रदेश में 249वें स्थान पर रहने वाला आजमगढ़, इस बार एक बड़ी छलांग लगाते हुए 71वें स्थान पर पहुंच गया है, जो नगर प्रशासन, सफाईकर्मियों और आम जनता के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है।
इस उपलब्धि का श्रेय नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विवेक त्रिपाठी को भी जाता है, जिन्होंने शहर की स्वच्छता व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार लाने के लिए दिन-रात मेहनत की। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, कचरे के वैज्ञानिक निपटान, और नागरिक सहभागिता को मजबूत करने जैसे कई ठोस कदम उठाए गए। नगर के विभिन्न हिस्सों में नए कूड़ेदान, कचरा ट्रॉली, और जनजागरूकता अभियान की मदद से लोगों की सोच में बदलाव लाया गया।
आजमगढ़ की यह यात्रा प्रेरणादायक रही है। साल 2022 में नगर की रैंकिंग 1160वीं थी, जो 2023 में सुधरकर 249 पर पहुंची और अब 2024 में यह 71वें स्थान पर आ गया है। यह बताता है कि सही नीयत, प्रभावी योजना और जनसहभागिता से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
शहर में बदलाव की शुरुआत छोटे-छोटे कदमों से हुई। सफाईकर्मियों को नियमित प्रशिक्षण दिया गया। शिकायत निस्तारण को त्वरित किया गया। स्वच्छता ऐप और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों की भागीदारी बढ़ाई गई। स्कूलों, मोहल्लों और वार्डों में स्वच्छता रैलियां और प्रतियोगिताएं आयोजित कर जनता को सीधे जोड़ा गया। इन प्रयासों से लोगों की मानसिकता बदली और सफाई को सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी न मानते हुए स्वयं की जिम्मेदारी समझा जाने लगा।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईओ विवेक त्रिपाठी ने कहा, यह रैंकिंग सिर्फ संख्या नहीं है, बल्कि यह हमारी प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और मेहनत का प्रमाण है। हम यहीं नहीं रुकेंगे। हमारा अगला लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 50 शहरों में आजमगढ़ की जगह बनाना है।
