आजमगढ़। अब गांवों में खुलेआम पशुओं की चोरी करने वाले पशु तस्करों ने सीधे गौशालाओं को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया है। सुरक्षित मानी जाने वाली गौशालाएं भी अब तस्करों के लिए आसान लक्ष्य बनती जा रही हैं। ऐसी ही एक सनसनीखेज कोशिश जीयनपुर कोतवाली के अजमतगढ़ विकासखंड की पारनकुंडा गौशाला में सामने आई, जहां बीती रात गौ तस्करों ने बड़ी वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया।
बताया जा रहा है कि देर रात करीब 12 बजे तस्कर एक पिकअप वाहन से गौशाला परिसर में घुसे और गौवंश को ले जाने की तैयारी करने लगे। इसी दौरान मऊ जनपद की पुलिस को संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिल गई। मऊ की पुलिस टीम के गौशाला पहुंचने की भनक लगते ही तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घटनास्थल पर एक पिकअप वाहन खड़ा मिला, जिसमें तीन गौवंश लदे हुए थे, जबकि करीब एक दर्जन से अधिक गौवंश को बांधकर रखा गया था।
घटना के समय गौशाला पर न तो कोई कर्मचारी मौजूद था और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था थी, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। शोरगुल सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ग्राम प्रधान पारनकुंडा को इसकी सूचना दी। ग्राम प्रधान ने तत्काल लाटघाट पुलिस चौकी को अवगत कराया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी एसडीएम सगड़ी को भी दी गई। रविवार सुबह एसडीएम सगड़ी नायब तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंचे। इसके अलावा मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मुकेश गुप्ता ने गौशाला का निरीक्षण किया।
जांच में सामने आया कि गौशाला पर केवल पप्पू शाही नामक एक व्यक्ति ही रह रहा था। अधिकारियों ने इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए आवश्यक निर्देश दिए। पशु चिकित्सक ओमप्रकाश आनंद ने बताया कि वर्तमान में गौशाला में कुल 90 गौवंश सुरक्षित हैं। वहीं जीयनपुर पुलिस पिकअप वाहन के आधार पर गौ तस्करों की तलाश में जुटी है और जल्द ही मामले के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
