आजमगढ़। कोडीनयुक्त कफ सिरप की विशाल अवैध खरीद–फरोख्त के मामले में पुलिस और एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में दीदारगंज थाना क्षेत्र के जेठारी निवासी विपेंद्र सिंह और नरवे निवासी विकास सिंह का नाम सामने आने के बाद दोनों की तलाश में पुलिस ने पूरे क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। दोनों आरोपी घर छोड़कर भूमिगत हो चुके हैं।
ड्रग इंस्पेक्टर सीमा वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपितों के बैंक खातों की गहन जांच शुरू कर दी है। जिले के कई मेडिकल स्टोर भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
7 लाख से अधिक शीशियों की सप्लाई, करोड़ों का खेल
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आजमगढ़ समेत विभिन्न जनपदों के मेडिकल स्टोरों पर करीब सात लाख शीशी से अधिक कोडीनयुक्त सिरप सप्लाई किया, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2023–24 और 2024–25 में रांची से भारी मात्रा में सिरप की खेप मंगाई गई थी। आजमगढ़ की दो फर्मों ने अपना माल एएस फार्मा को बेचा, जबकि मऊ, बलिया और आजमगढ़ की कई फर्मों ने सप्लाई के लिए दूसरे जिलों को चुना।
मामला खुलने के बाद औषधि एवं ड्रग विभाग की छानबीन में आजमगढ़ मंडल की 12 फर्मों की संलिप्तता सामने आई है।
हिस्ट्रीशीटर विपेंद्र के खिलाफ 12 मुकदमे
ड्रग इंस्पेक्टर की तहरीर पर जेठारी निवासी विपेंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
उस पर प्रयागराज, मऊ, जौनपुर और आजमगढ़ में कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं। वह दीदारगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसका नाम मार्टीनगंज पुलिस चौकी पर अंकित सूची में भी दर्ज है।
शुभम के पार्टनर की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी दबिश
एसटीएफ की लखनऊ टीम द्वारा आरोपी अमित सिंह टाटा और आलोक की गिरफ्तारी के बाद अब नरवे निवासी विकास सिंह को पकड़ने के लिए एसटीएफ और एसआईटी लगातार दबिश दे रही है। लखनऊ एसटीएफ उसकी लोकेशन ट्रेस करने में लगी हुई है।
बैंक खातों से खुल रहा करोड़ों का खेल
विपेंद्र और विकास सिंह के बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन की जांच जारी है। पुलिस को पता चला है कि करोड़ों रुपये के कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई जिले के कई मेडिकल स्टोरों को की गई है।
आज़मगढ़ एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि फर्मों ने रांची से कोडीनयुक्त सिरप मंगाया था। विपेंद्र और विकास सिंह के बैंक खाते को खंगाला जा रहा है। जांच में पता चला कि करोड़ों रुपये के सात लाख से अधिक कोडीनयुक्त सिरप की शीशी जिले के मेडिकल स्टोर को सप्लाई की गई है। जांच जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
