
रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़। जिले में सोमवार को अकीदत के साथ ईद का पर्व मनाया गया। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाई दिया। नमाज के दौरान ईदगाहों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। नमाज के बाद लोगों ने सेवई का लुफ्त उठाया। शहर से लेकर गांव तक ईद का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

जिले में 785 स्थानों जिसमे 312 ईदगाह और 473 मस्जिदों पर सकुशल ईद की नमाज अदा की गई। शहर के बदरका स्थित ईदगाह में ईद की नमाज अदा करने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सैकड़ों लोगों ने एक साथ नमाज अदा कर देश व प्रदेश में अमन चैन व भाई चारे की दुआ मांगी। इसके बाद लोगों ने खुतबा सुना। खुतबा खत्म होने के बाद एक दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दिया। इसके बाद सेंवई खाने, खिलाने का सिलसिला शुरू हुआ । बच्चे ईदगाह के बाहर सजी खिलौने की दुकानों से खिलौने खरीदते नजर आए। राजनैतिक दलों के नेताओं ने जहां मुस्लिम बंधुओं से गले मिलकर ईद की बधाई दी। वहीं जिले के आला अधिकारियों ने भी सौहार्दपूर्ण तरीके से ईद मनाने की अपील किया।

सुबह से ही बच्चे बूढ़े और नौजवान सभी ईद की नमाज पढ़ने की तैयारी में लगे रहे। नए कपड़े पहनने के बाद उस पर इत्र लगाया। बदरका ईदगाह में जगह पाने के लिए निर्धारित समय से पहले ही ईदगाह में पहुंच गए थे। ईदगाह के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शासन, प्रशासन के निर्देश के अनुपालन में किसी ने सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी।

सभी लोगों ने एक साथ ईदगाह में सुबह करीब पौने सात बजे बड़े ही एहतराम के साथ नमाज अदा किया। नमाज के बाद देश में अमन चैन कायम रहने की दुआ मांगी।

इसी प्रकार दलालघाट, मदरसा जामयतुर्रशाद, सीताराम स्थित इमामबाड़ा, कर्बला के मैदान स्थित शिया मस्जिद में में नमाज पढ़ाई गई। मंडल कारागार में निरूद्ध मुस्लिम कैदियों को इंद की नमाज पढ़ाई गई और उनको सेवईयां खिलाया गया। नमाज के बाद मुस्लिम कैदियों ने एक दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दिया।

नेताओं का भी रहा जमावड़ा
आजमगढ़। बदरका ईदगाह के बाद लोगों को इंद की बधाई देने के लिए जन प्रतिनिधियों व नगर पालिका के संभावित प्रत्याशियों की भीड़ लगी रही। हर आने जाने वाले को हाथ मिलाकर गले लगाकर वह ईद की बधाई देते नजर आए। इनमें सदर एमएलसी शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली, विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, सांसद धर्मेन्द्र यादव, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, नगर पालिकाध्यक्ष आदि शामिल रहे।

ईदगाह के बाहर सजीं थी खिलौनों की दुकानें
आजमगढ़। बदरका ईदगाह में नमाज पढ़ने के लिए बड़ों के साथ बच्चे भी पहुंचे थे। बच्चों को अच्छी संख्या को देखते हुए ईदगाह के बाहर खिलीनों की बिक्री करने वाले अपनी दुकानें सजाकर बैठे थे। नमाज के बाद बाहर निकलते ही बच्चों ने बड़ों से खिलौने खरीदने की जिद की और खिलौने खरीदकर ही मानें।

भिक्षा मांगने वालों की लगी रही कतारआजमगढ़। ईद की नमाज के बाद दान करने का नियम है जिसे देखते हुए ईदगाह के मुख्य गेट के दोनों तरफ भीख मांगने वालों की लंबी कतार लगी हुई थी। नमाज अदा करने के बाद बाहर निकलने वाले लोग इनकी झोली में कुछ न कुछ डालते हुए आगे बढ़ रहे थे।