आजमगढ़। जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वावलंबन के उद्देश्य से मिशन शक्ति फेज-5.0 का आयोजन हरिऔध कला केन्द्र में भव्य तरीके से किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मण्डलायुक्त द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। मौके पर डीआईजी, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मा0 राज्य महिला आयोग की सदस्य भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम ने महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और नैतिक रूप से सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहल का संदेश दिया।

मण्डलायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में पुरुष और महिला दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं की आंतरिक शक्ति और धैर्य की सराहना करते हुए कहा कि समाज की स्थिरता और विकास में महिलाओं की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। मण्डलायुक्त ने अर्धनारेश्वर आदर्श का भी उल्लेख करते हुए कहा कि समाज का संतुलन तभी संभव है जब पुरुष और महिला समान रूप से जिम्मेदारियों में शामिल हों।

पुलिस उपमहानिरीक्षक ने कहा कि महिला कोमल हो सकती है, लेकिन वह कमजोर नहीं, बल्कि शक्ति का प्रतीक है। मिशन शक्ति 5.0 कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत 15 सरकारी विभाग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर महिलाओं को सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक कर रहे हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करना है। कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बाल विवाह निषेध अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम आदि पर प्रकाश डाला गया। साथ ही महिला हेल्पलाइन और अन्य आवश्यक नंबरों की जानकारी भी दी गई।

उन्होंने महिलाओं के लिए चल रही प्रमुख योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, निराश्रित महिला पेंशन और वन स्टॉप सेंटर आदि का उल्लेख करते हुए बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक सभी जरूरी सहायता मिलती है।

मा0 राज्य महिला आयोग की सदस्य ने महिलाओं को शिक्षा और निष्ठा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मिशन शक्ति अभियान अब एक आंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

कार्यक्रम में पुलिस विभाग की महिला कर्मियों और ग्राम विकास विभाग के स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को डेमो चेक और पोषण पोटली वितरित की गई। विद्यार्थियों और कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नाटकों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलायी।

कार्यक्रम का संचालन राजकीय बालिका इण्टर कालेज की छात्राओं द्वारा किया गया। अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम ने स्पष्ट संदेश दिया कि समाज में महिलाओं की समान भागीदारी और उनके सशक्तिकरण से ही स्थिर, संतुलित और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है।
