आजमगढ़ । विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) और थाना ए.एच.टी. (मानव तस्करी रोधी/एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक तथा एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य किशोर अपराधों, बाल अधिकारों और महिला सुरक्षा से संबंधित मामलों में पुलिस तथा संबंधित अधिकारियों की दक्षता बढ़ाना था।
शानिवार को पुलिस लाईन सभागार में यह बैठक आयोजित की गई, जिसका निर्देशन श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने किया। श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक, यातायात/नोडल अधिकारी थाना ए.एच.टी./SJPU की पर्यवेक्षण में और श्रीमान क्षेत्राधिकारी सदर महोदया की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। इसमें जनपद के बाल कल्याण अधिकारी, स्वयंसेवी/NGO प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में बाल अधिकार, महिला सुरक्षा, किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act, 2015) एवं पोक्सो अधिनियम से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। थानों पर नियुक्त बाल कल्याण अधिकारी/विवेचक द्वारा कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं पर विचार-विमर्श हुआ और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 24 के अंतर्गत किशोर अपराधों की प्रक्रिया, अभियुक्त/पीड़िता का आयु निर्धारण, चिकित्सीय परीक्षण में सहमति प्रक्रिया, थाने पर नाबालिगों की उचित कार्यवाही और वन स्टॉप सेंटर में रखरखाव पर विशेष निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पोक्सो एवं जुवेनाइल मामलों से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति में पीड़िता/बाल अपचारी की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त, नाबालिगों को पुलिस लॉकअप में न रखने, त्वरित सुपुर्दगी, तथा चिकित्सीय परीक्षण सादे वस्त्रों में कराने के संबंध में भी विस्तृत आदेश दिए गए।
क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा सभी उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे किशोर अपराधों और बाल कल्याण संबंधी मामलों में संवेदनशील, प्रभावी और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए आगामी माह में थानों और SJPU की कार्यकुशलता और बेहतर होगी।
