रिपोर्ट: आशीष निषाद
अतरौलिया (आज़मगढ़)। अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में रविवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लेखपालों ने पंचायती राज मंत्री को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
लेखपालों ने ज्ञापन में पारिवारिक, स्वास्थ्य व सामाजिक समस्याओं का उल्लेख किया। साथ ही शासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। ज्ञापन में बताया गया कि लेखपाल राजस्व विभाग के अधीनस्थ कर्मचारी हैं। वे सीमित वेतन में कार्य कर रहे हैं। इनमें अधिकांश मध्यम या निम्न वर्गीय पृष्ठभूमि से आते हैं। हजार किलोमीटर दूर नियुक्ति होने से उनका परिवार दो हिस्सों में बंट गया है। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ा है,बल्कि वृद्ध माता-पिता की देखभाल और बीमार परिजनों की सेवा भी नहीं हो पा रही है।
कुछ महिला लेखपालों ने बताया कि वे अपने गृह जनपद से सैकड़ों किलोमीटर दूर तैनात हैं। इससे उनके विवाह में बाधा आ रही है। या विवाह के बाद पारिवारिक जीवन संकट में पड़ गया है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शासन ने 23 अगस्त 2018 को स्थानांतरण के लिए शासनादेश जारी किया था। इसके तहत अब तक दो चरणों में लगभग 700 लेखपालों को गृह मंडल में नियुक्ति मिल चुकी है। इस वर्ष मई के अंतिम सप्ताह में भी ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। लेकिन अब तक स्थानांतरण आदेश जारी नहीं हुए हैं।
लेखपाल रोशन द्विवेदी, सचिन राजपूत, योगिता सिंह समेत अन्य ने मंत्री से मांग किया कि पारिवारिक व स्वास्थ्य स्थितियों को ध्यान में रखते हुए आदेश शीघ्र जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि यह निर्णय शीघ्र लिया जाता है, तो हजारों लेखपालों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।
