आज़मगढ़। जिले के सदर तहसील में तैनात अमीन सुरेश उपाध्याय की गुमशुदगी के बाद अपहरण कर हत्या करने के मामले में बेटे विकास उपाध्याय की तहरीर पर पुलिस ने ठेकमा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह के भांजे ओमप्रकाश सिंह, उसकी पत्नी रुबी सिंह उर्फ आकांक्षा सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। यह मामला जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है।


पीड़ित विकास उपाध्याय का आरोप है कि उसके पिता सुरेश उपाध्याय को पहले से धमकियाँ मिल रही थीं। धमकी देने वाले ने कहा था कि “गलत जगह हाथ डाले हो, इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।” इसके बाद से ही उसके पिता भयभीत रहने लगे थे। विकास का कहना है कि धमकी देने वालों ने ही साजिश रचकर उसके पिता का अपहरण किया और बाद में हत्या कर दी।
शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि अमीन सुरेश उपाध्याय 17 जनवरी को उस समय लापता हो गए थे, जब वे एक आरसी के तहत 70 लाख रुपये के बकाया की वसूली के सिलसिले में मोहल्ला रैदोपुर स्थित रुबी सिंह के घर गए थे। इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। बाद में उनका शव सिधारी क्षेत्र में बसपा कार्यालय के पीछे मिलने की जानकारी सामने आई।
बेटे विकास उपाध्याय का आरोप है कि रुबी सिंह के नाम पर 70 लाख रुपये का लोन था, जिसकी किस्तें वह लंबे समय से नहीं चुका रही थी। लोन से बचने के लिए रुबी ने अपना नाम बदलकर आकांक्षा रख लिया और अहरौला निवासी ओमप्रकाश सिंह से शादी कर ली। ओमप्रकाश सिंह ठेकमा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह का सगा भांजा बताया जा रहा है।


विकास का कहना है कि जब भी उसके पिता लोन की वसूली के लिए जाते थे, उन्हें धमकाया जाता था। आरोप है कि रुबी सिंह के चाचा ने भी खुले तौर पर धमकी दी थी कि गलत जगह हाथ डालने का अंजाम भुगतना पड़ेगा। इसी धमकी और साजिश के तहत पिता को अगवा कर हत्या कर दी गई और शव को सिधारी क्षेत्र में फेंक दिया गया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर दो नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
उधर, मामले में ठेकमा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह ने लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि


“मेरे और मेरे रिश्तेदार पर लगाए गए आरोप गलत, निराधार और बेबुनियाद हैं। ओमप्रकाश सिंह मेरे रिश्तेदार हैं, लेकिन उनका इस घटना से कोई लेना देना नहीं है। केवल किसी का नाम ले लेने से वह आरोपी नहीं होंगे। अमीन का काम आरसी से जुड़ा होता है, यह उनकी शासकीय जिम्मेदारी थी। मेरे या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। यह आरोप साजिशन और बदनाम करने की नीयत से लगाए गए हैं। मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।”