आजमगढ़। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी देश के जाने-माने नेता, भारतीय राजनीति के चाणक्य, पूर्व सांसद राज्यसभा स्वर्गीय ठाकुर अमर सिंह की पांचवी पुण्यतिथि आजमगढ़ जिले के तरवां स्थित चौरी बेलहा महाविद्यालय के सभागार में बड़े ही श्रद्धा पूर्वक मनाई गई।

श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर हरबंस सिंह ने स्व. अमर सिंह के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि अमर सिंह भारतीय राजनीति के पुरोधा थे। उनकी ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने देश और प्रदेश की कई सरकारें बनाईं और गिराईं। कुंवर हरबंस सिंह ने स्व. अमर सिंह की आजमगढ़ में मूर्ति लगाए जाने हेतु 5 लाख रुपए देने की घोषणा की।

इस अवसर पर श्रद्धांजलि समारोह की अध्यक्षता करते हुए गाजीपुर जिले के पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह ने कहा कि अमर सिंह का व्यक्तित्व औसत नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रों में अत्यंत प्रभावशाली था। उन्होंने अमर सिंह से जुड़ा एक संस्मरण साझा करते हुए कहा कि वे सियासत में सदैव ईमानदारी से कार्य करने की नसीहत देते थे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद, अमर सिंह के निकटतम रहे बार काउंसिल ऑफ सुप्रीम कोर्ट के उपाध्यक्ष प्रदीप राय ने कहा कि अमर सिंह के अंदर सभी गुण विद्यमान थे। ऐसी प्रतिभा किसी में विरले ही देखने को मिलती है। चाहे वह सियासत हो, व्यापार हो, फिल्म इंडस्ट्री या सामाजिकता—हर क्षेत्र में वे शीर्ष पर रहे। उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन जैसा सुपरस्टार भी जब अमर सिंह के घर आता था, तो उनकी आरती उतारता था। अमर सिंह दोस्तों के लिए सच्चे मित्र थे और जिन्हें पसंद नहीं करते थे, उन्हें अपने पास नहीं आने देते थे। समाजसेवियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

प्रभाकर सिंह ने समारोह में उपस्थित सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए स्व. अमर सिंह को साहस, संकल्प और संघर्षों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अमर सिंह एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने कई बार देश की सियासत में अपने दम पर अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि अमर सिंह को वे अपना नेता और अभिभावक मानते थे और आज वे हमारे बीच नहीं हैं, यह अत्यंत दुखद है। उनका मानना था कि इस देश को अभी भी अमर सिंह जैसे नेता की बहुत आवश्यकता थी। पूर्व सांसद के अलावा इस श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के कोने-कोने से आए उनके चाहने वालों ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि अमर सिंह का व्यक्तित्व बहुत विशाल था। वे जहां राजनीति के कुशल नायक थे, वहीं उद्योग जगत में भी उनकी एक विशेष पहचान थी। चाहे सियासत हो या व्यापार, उन्होंने हर क्षेत्र में इतिहास रचा। वक्ताओं ने कहा कि जब भी भारतीय राजनीति का इतिहास लिखा जाएगा, स्व. अमर सिंह का नाम उसमें अवश्य अंकित होगा। वे किसी भी राजनीतिक सीमा में बंधने वाले नेता नहीं थे। सभी दलों में उनकी लोकप्रियता थी। उन्होंने हमेशा अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया।
अंत में युवाओं से आह्वान किया गया कि वे अमर सिंह के पदचिन्हों पर चलें और उनके अच्छे कार्यों से प्रेरणा लें।
कार्यक्रम में वक्ताओं में प्रमुख रूप से भाजपा नेता रामाधीन सिंह, श्रीकृष्ण पाल, प्रवीण सिंह, पूर्व प्रधान नरेंद्र सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस प्रवीण सिंह, खेल समिति के अध्यक्ष रामानंद राजभर सहित कई लोगों ने संबोधित किया। संचालन डॉक्टर रमन सिंह ने किया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अजय सिंह, राघवेंद्र सिंह राजू, अनिल कुमार सिंह, विनोद सिंह, विक्रम बहादुर सिंह, अखिलेश सिंह, भूपेंद्र सिंह, मिथिलेश सिंह, राकेश सिंह, वीरभद्र प्रताप सिंह, बृजेश यादव, संजय सिन्हा सहित कई लोग मौजूद रहे।
