रिपोर्ट:आशीष निषाद
अतरौलिया/आजमगढ़। स्थानीय थाने पर होली पर्व और होलिका दहन को लेकर पीस (शांति समिति) की बैठक उपजिलाधिकारी अभयराज पांडेय और क्षेत्राधिकारी कौस्तुभ त्रिपाठी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में स्थानीय गणमान्य नागरिक, समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों के साथ‑साथ आम जन प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य होली को शांतिपूर्ण, धार्मिक सौहार्दपूर्ण और विवादमुक्त ढंग से मनाने के लिए व्यवस्थाएँ व सहमति बनाना था। इस दौरान क्षेत्राधिकारी कौस्तुभ त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा कि होली और होलिका दहन के दौरान अफवाह फैलाना, जानबूझकर विवाद पैदा करना या गुंडागर्दी की कोई भी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दूबे ने बताया कि अतरौलिया इलाके के संवेदनशील स्थानों, जुलूस मार्गों और बड़े जमावड़ों वाले इलाकों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी तथा जरूरत पड़ने पर धारा 144 जैसी कानूनी व्यवस्थाएँ भी लागू की जा सकती हैं। पीस कमेटी के सदस्यों ने लोगों से अपील किया कि वे होली के दौरान मद्यपान या नशे में भीड़‑भाड़ में अनावश्यक उकसाव न डालें, न ही किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाने वाली गतिविधियाँ करें। इस दौरान निर्णय लिया गया कि गांव‑स्तर पर भी स्थानीय समितियाँ और वॉलंटियर टीम बनाई जाएंगी, ताकि छोटे स्तर पर भी संभावित तनाव तुरंत पुलिस या प्रशासन तक पहुँचाया जा सके।
समाजसेवियों ने ज़ोर देकर कहा कि होली मात्र रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि बदले‑बदले में दुर्व्यवहार छोड़कर प्रेम, क्षमा और भाईचारे के संदेश का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए शरीर पर नशीले या आक्रामक रंगों के बजाय निर्मल और सेफ रंगों से त्योहार मनाने का आह्वान किया। बैठक के अंत में कुलमिलाकर यह संकल्प लिया गया कि अतरौलिया क्षेत्र में होली पर शांति, सहयोग और साम्प्रदायिक सौहार्द ही प्रमुख संदेश रहेगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनियमितता या तनाव की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन या थाने से संपर्क करें, ताकि त्वरित कार्रवाई के माध्यम से व्यवस्था बनी रह सके।
