आजमगढ़। मा. उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में सचिव नितिका राजन ने आज जिला कारागार, आजमगढ़ का निरीक्षण किया। कारागार में कुल 1,336 बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें 54 महिला और 1,215 पुरुष बंदी शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान कारागार की साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था और बंदियों की देखभाल के उचित प्रबंध पाए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नितिका राजन ने जिला कारागार, आजमगढ़ का निरीक्षण किया। वर्तमान में कारागार में कुल 1,336 बंदी हैं, जिनमें 54 महिला और 1,215 पुरुष बंदी शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान कारागार परिसर में साफ-सफाई का उचित प्रबंध पाया गया।
जेल लीगल एड क्लीनिक में कुर्सी, मेज का उचित प्रबंध और साफ-सफाई देखी गई। चार जेल पॅराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित थे, जिन्होंने बताया कि जिन बंदियों के पास अधिवक्ता नहीं हैं, उनके प्रार्थना पत्र जेल अधीक्षक द्वारा सत्यापित कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजे जाते हैं।
पाकशाला निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रतिदिन का मेनू अंकित किया जाता है। आज के मेनू में रोटी, चावल, अरहर दाल, पत्ता गोभी और मूली की मिक्स सब्जी शामिल थी। पाकशाला में सफाई, हाइजीन और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पाई गई। सभी बंदियों के हिस्ट्रीटिकट में प्रविष्टियां अद्यतन पाई गईं। मुलाकातियों के लिए शेड और बैठने की उचित व्यवस्था थी।
चिकित्सालय निरीक्षण के दौरान जेल अधिकारियों ने बताया कि बंदियों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु मण्डलीय चिकित्सालय से दो चिकित्सक नियुक्त किए गए हैं। सचिव ने निर्देश दिए कि सभी बंदियों के टिकट पर प्राइवेट या सरकारी अधिवक्ता का नाम दर्ज कराया जाए ताकि उनके मुकदमों की पैरवी की जानकारी मिल सके।
महिला बैरक निरीक्षण में पाया गया कि महिला बंदियों के मुकदमों में पैरवी हेतु अधिवक्ता नामित हैं। महिला पाकशाला और महिला अस्पताल में सफाई और व्यवस्था उचित पाई गई। निरीक्षण के समय किसी महिला बंदी को अस्पताल में भर्ती नहीं पाया गया।
निरीक्षण के दौरान जेलर अनिल सिंह, डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर गौरव सिंह, डिप्टी जेलर अजय कुमार, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल आशीष कुमार राय, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल अतुल कुमार राय एवं जेल के पॅराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
