आज़मगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गोल्डन कार्ड बनाए जाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर विशेष अभियान चलाकर अधिकतम पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनवाने के निर्देश M

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बैठक में आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह कार्य मिशन मोड में किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक ब्लॉक में समन्वय स्थापित करते हुए गांव-गांव विशेष कैंप लगाकर पात्र लाभार्थियों को बुलाया जाए और उनका गोल्डन कार्ड बनवाया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री तथा अंत्योदय कार्डधारकों का गोल्डन कार्ड शत-प्रतिशत बनना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आशा और एएनएम स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उनका गोल्डन कार्ड न बन पाना गंभीर विषय है। इन सभी श्रेणियों के लोगों से व्यक्तिगत संपर्क कर उनका कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में आयुष्मान गोल्डन कार्ड की पेंडेंसी अधिक है, वहां संबंधित आशा कार्यकर्त्रियां अपने क्षेत्र में सक्रिय होकर लाभार्थियों से संपर्क करें और घर-घर सूचना देकर उन्हें कैंप में बुलाकर गोल्डन कार्ड बनवाएं।
जिलाधिकारी ने बीडीओ, प्रभारी चिकित्साधिकारी, बीसीपीएम/बीपीएम, सीडीपीओ तथा सप्लाई इंस्पेक्टर को आपसी समन्वय के साथ अधिक पेंडेंसी वाले गांवों में विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं और कोटेदारों के माध्यम से लाभार्थियों को सूचना देकर गोल्डन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जिन आशा कार्यकत्रियों, कोटेदारों या संबंधित कर्मियों की आईडी अगले सप्ताह तक सबसे नीचे रहेगी और प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी स्तरों से लिखित आदेश जारी करने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जिन लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड अभी तक नहीं बन पाए हैं, उनकी अलग सूची तैयार कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जाए। उन्होंने बताया कि अभियान की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देशित किया कि चयनित लाभार्थियों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाई जाए और अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, समस्त एमओआईसी, खंड विकास अधिकारी, आपूर्ति निरीक्षक, सीडीपीओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।