आजमगढ़। यूजीसी में लागू होने वाले नए नियमों के विरोध में रणवीर सेना ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की मांग की।

रणवीर सेना के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संगठन ने कहा कि जातिगत, धार्मिक, रंग-भेद, नस्लीय, लिंग आधारित एवं दिव्यांगता आधारित भेदभाव किसी भी नागरिक के साथ हो सकता है, इसलिए ऐसा कानून केवल SC, ST और OBC तक सीमित न रहकर देश के हर नागरिक पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
संगठन ने संविधान के अनुच्छेद 14 का हवाला देते हुए कहा कि यह सभी नागरिकों को समानता और कानून के समान संरक्षण का अधिकार देता है। इसके बावजूद सवर्ण वर्ग को समानता समिति में शामिल न करना और सामान्य वर्ग को शोषित वर्ग की सूची से बाहर रखना संविधान की मूल भावना का उल्लंघन है।
रणवीर सेना ने यह भी मांग की कि यदि किसी मामले में शिकायत झूठी पाई जाती है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ जुर्माना या सजा का स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए। संगठन ने जाति के आधार पर कानून निर्माण का विरोध करते हुए सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की अपील की।


इस दौरान संगठन के अध्यक्ष सुधीर कुमार पाठक ने कहा कि राष्ट्रपति को इस मामले में हस्तक्षेप कर न्यायोचित निर्णय लेना चाहिए, ताकि समाज में सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर मिल सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए तो समाज में असमानता और भेदभाव और बढ़ सकता है।