आजमगढ़। जिले के तरवां थाना क्षेत्र के हंसराजपुर मोहल्ला में रहने वाली आशा देवी ने सोमवार को सूदखोरों पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उनके बेटे सूरज चौहान ने 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जिसे ब्याज सहित चुका दिया, फिर भी सूदखोर लगातार जमीन पर अपना कब्जा करना चाहते हैं। पीड़िता ने एसपी को प्रार्थना-पत्र सौंपकर अपने और बच्चों की सुरक्षा और आरोपीयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

आशा देवी का कहना है कि पति कमलेश चौहान की मृत्यु के बाद वह अकेले बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। उनके चार बेटियां और दो बेटे हैं। बेटे सूरज ने खरिहानी बाजार में वेल्डिंग की दुकान खोलने के लिए 50 हजार रुपये कर्ज के रूप में लिए थे, जो उसने ब्याज सहित सात महीने में चुका दिया।
इसके बावजूद, आरोपित लोग लगातार ब्याज की मांग कर रहे थे और पैसे न देने पर बेटे को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। दबंगों ने घर आकर महिला और उसके छोटे बच्चों को भी धमकाया और जमीन का बैनामा कराने का दबाव डाला। डर के चलते पीड़िता ने एक बीघा जमीन 27 लाख रुपये में बेच दी, जिसे आरोपितों ने अलग-अलग खातों में जबरन ले लिया।


पीड़िता का कहना है कि लगातार धमकियों और परेशानियों के कारण उसका बेटा सूरज चौहान कहीं चला गया है। पूर्व में भी प्रार्थना-पत्र दिया गया था और 5 अगस्त 2025 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी, लेकिन अभी तक न तो प्रभावी कार्रवाई हुई और न ही आरोप-पत्र दाखिल हुआ।

थानाध्यक्ष चंद्रदीप सिंह ने बताया कि इस मामले में सात लोगों शुभम सिंह, जे सिंह उर्फ चुल्ली, आकाश सिंह, विनय सिंह, करिया सिंह, रिशू सिंह और अजीत सिंह के खिलाफ संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, जानबूझकर चोट पहुंचाने, धमकी देने, अपमानित करने के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना में सामने आया कि इन्होंने अपनी संपत्ति अपने बेटे के नाम कर दी थी। उसने यह जमीन इनको बेंच दी। बैंक रिकार्ड में भी 12 लाख रुपये इनके लड़के के खाते में ट्रांसफर हुए मिले। जमीन उन लोगों के नाम खारिज दाखिल हो चुकी है। अब यह लोग जमीन नहीं देना चाहते हैं तो इस तरह की हरकत कर रहे हैं।

एसपी डॉ. अनिल कुमार ने मामले पर कहा, यह मामला हमारे सामने आया। पीड़िता ने बताया कि उसके लड़के ने जितना पैसा लिया था, उस पैसे के साथ ही ब्याज भी चुका दिया है। अब यह लोग घर बैनामा कराना चाहते हैं। फिलहाल जांच का विषय है कि उनके लड़के की स्थिति कैसी थी और पीड़िता जो कह रही हैं वह सही है या नहीं। दोनों पक्षों को आमने-सामने बुलाया जाएगा और तथ्य सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।