आज़मगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय से संबद्ध माँ शारदा पी.जी. कॉलेज, शम्भूपुर गहजी, आज़मगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर गुरुवार को परिसर में भव्य रजत जयंती समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन पूरी तरह शैक्षणिक रहा, जिसमें शिक्षा जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

समारोह की अध्यक्षता महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आज़मगढ़ के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. नरेश चंद गौतम और विशिष्ट अतिथि के रूप में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता, प्रो. हरिकेश सिंह, डॉ. बी.एल. आर्य एवं डॉ. घनश्याम सिंह उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती, भगवान गणेश और क्षेत्रीय आराध्य मौनी बाबा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिवाकर सिंह ने स्वागत भाषण में आए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जबकि संस्थापक एवं प्रबंधक बाबू फौजदार सिंह ने महाविद्यालय की स्थापना यात्रा और संघर्ष की कहानी साझा की।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने महाविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने सुझाव दिया कि संस्थापक शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर कॉलेज को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने पर विचार करें।

मुख्य अतिथि प्रो. गौतम ने कहा कि  जिस पौधे को मैंने लगाया था, वह आज वटवृक्ष बन चुका है।  वहीं, प्रो. हरिकेश सिंह ने संस्थापक को फाइटर बताते हुए उन्हें सिक्स लेन के आसपास निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की सलाह दी।

डॉ. बी.एल. आर्य ने कहा कि यह महाविद्यालय फर्श से अर्श तक की यात्रा का उदाहरण है, जबकि डॉ. घनश्याम सिंह और लालजी सिंह ने भी महाविद्यालय की प्रगति पर प्रसन्नता जताई।

कार्यक्रम के दौरान प्रबंधक एवं आयोजन समिति द्वारा उन सभी सहयोगियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने किसी भी रूप में संस्थान की उन्नति में योगदान दिया। पत्रकार, शिल्पकार, शिक्षाविद और अधिकारी वर्ग के लोगों को अंगवस्त्रम, प्रतीक चिन्ह और उपहार देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. प्रवेश कुमार सिंह, डॉ. प्रशांत राय, डॉ. जयप्रकाश यादव, डॉ. मिश्रा, राममिलन सिंह, हरिबंश सिंह, संजय उर्फ गुड्डू, हरिद्वार सिंह, अनित रवि राय, प्रो. प्रशांत राय सहित बड़ी संख्या में प्रबंधक, शिक्षक, छात्र-छात्राएँ और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक बाबू फौजदार सिंह ने कहा कि यह सफलता क्षेत्र की सामूहिक उपलब्धि है, जिसे हमने मौनी बाबा के चरणों में समर्पित किया है।