आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के लिए आज ऐतिहासिक दिन रहा। कुलपति प्रो. संजीव कुमार के नेतृत्व में विश्वविद्यालय को बी.ए. एलएलबी 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स की मान्यता प्राप्त हुई। यह प्रक्रिया सितंबर 2024 से शुरू हुई थी, जब प्रो. अशहद अहमद एवं उनकी टीम ने मान्यता हेतु प्रयास आरंभ किए। नवंबर में आवेदन पोर्टल के माध्यम से आगे बढ़ाया गया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली से आई टीम ने कुछ आपत्तियां दर्ज कीं, जिन्हें कुलपति के मार्गदर्शन और शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से शीघ्र दूर कर लिया गया।
29 जुलाई 2025 को बार काउंसिल ऑफ इंडिया की वर्चुअल जांच के उपरांत मान्यता प्रदान कर दी गई। इस उपलब्धि पर पूरे विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष की लहर दौड़ गई। मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही कुलपति से लेकर सभी प्राध्यापक व कर्मचारी उत्साहित हो उठे। कुलपति ने भावुक होकर प्रो. अशहद अहमद, उनकी टीम, तत्कालीन कुलसचिव विश्वेश्वर प्रसाद एवं वर्तमान कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र को विशेष श्रेय दिया।
डॉ. मिश्र ने कहा कि यह सफलता कुलपति की ऊर्जावान और कर्तव्यनिष्ठ नेतृत्व शैली का परिणाम है। इस उपलब्धि से आजमगढ़ के छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि अब पंचवर्षीय कोर्स के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। कुलपति के निर्देशानुसार 22 से 30 अगस्त 2025 तक समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रवेश फॉर्म भरे जाएंगे।
इस अवसर पर सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने कुलपति के नेतृत्व की सराहना की और विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना की। कार्यक्रम में वरिष्ठ-कनिष्ठ प्राध्यापक, ला फैकल्टी की पूरी टीम, उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव एवं कुलपति के निजी सहायक भूपेंद्र पांडे और विपिन शर्मा मौजूद रहे।
