आज़मगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र में अमीन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने जंहा तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है। वही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर से मौत की पुष्टि हुई है, हालांकि जहर के प्रकार को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मिली जानकारी के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र के कोलबाज बहादुर निवासी 58 वर्षीय सुरेश उपाध्याय सदर तहसील में अमीन के पद पर तैनात थे। 17 जनवरी को सुबह करीब 10 बजकर 22 मिनट पर वह तहसील पहुंचे थे और वसूली कार्य के लिए चौक व सिधारी क्षेत्र की ओर निकले थे, लेकिन इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।
गुमशुदगी के तीसरे दिन मंगलवार की शाम करीब पांच बजे सिधारी थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के सिवान स्थित एक सरसों के खेत में उनका शव बरामद हुआ। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सुरेश उपाध्याय की मौत पोस्टमार्टम से लगभग 48 घंटे पूर्व, यानी 19 जनवरी के आसपास हो चुकी थी।
रिपोर्ट में कार्बाइड जैसे जहरीले पदार्थ से मौत की आशंका जताई गई है। मृतक की नाक से खून निकलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जहर किस प्रकार का था। इसी कारण पुलिस ने बिसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया है।
सवाल यह है कि 17 जनवरी को लापता होने के बाद 17 और 18 जनवरी के दौरान सुरेश उपाध्याय कहां और किन लोगों के संपर्क में थे। इन सवालों के जवाब अभी जांच का विषय बने हुए हैं।
सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर से मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन जहर के प्रकार की जानकारी नहीं मिल सकी है। मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए बिसरा जांच के लिए भेजा गया है।
