
आजमगढ़। परिवारों को टूटने से बचाने और आपसी विवादों को सुलझाने के उद्देश्य से आजमगढ़ पुलिस द्वारा चलाई जा रही नई किरण पहल के तहत रविवार को दो बिछड़े परिवारों को फिर से एकजुट कर दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पर्यवेक्षण में 17 अगस्त 2025 को परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में कुल 13 पत्रावलियों पर सुनवाई की जानी थी, जिसके लिए दोनों पक्षों को फोन और नोटिस के माध्यम से बुलाया गया था।
काउंसिल के दौरान 11 मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। इनमें से दो मामले ऐसे थे जिनमें पति-पत्नी केवल कुशलता प्रकट करने आए, जबकि दो मामलों में लगातार समझाने-बुझाने और काउंसलिंग के बाद पति-पत्नी का पुनर्मिलन कराया गया। इन दोनों मामलों में ससुराल पक्ष की ओर से दहेज उत्पीड़न की शिकायत की गई थी। पुलिस और काउंसलरों के प्रयास से आखिरकार दोनों परिवारों ने विवाद भुलाकर एक साथ रहने का फैसला किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘नई किरण’ प्रोजेक्ट बिखरे हुए परिवारों को एक सूत्र में बांधने का प्रयास है। इससे न केवल टूटते रिश्तों को जोड़ा जा सकेगा, बल्कि पारिवारिक न्यायालयों में बढ़ते मुकदमों का बोझ भी कम होगा। बैठक में एक मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण स्थगित कर दिया गया, जबकि चार मामलों को अन्य कारणों से बंद किया गया। शेष पत्रावलियों में अगली तिथि पर सुनवाई के लिए नोटिस भेजे जाएंगे।
इस पुनीत कार्य में काउंसलर डॉ. उमेशचंद्र पांडेय, उपनिरीक्षक गुरु ज्ञान चंद्र पटेल (प्रभारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन), उपनिरीक्षक महेंद्र तिवारी (प्रभारी परिवार परामर्श प्रकोष्ठ), उपनिरीक्षक वरूणेश मिश्र (प्रभारी आर्थिक सहायता प्रकोष्ठ), महिला थाना प्रभारी प्रज्ञा सिंह सहित महिला आरक्षी नेहा सिंह, ऋतुम्भरा, सबिता, प्रियंका व मुख्य आरक्षी कल्लू प्रसाद की सक्रिय भूमिका रही।
