आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक हुई। बैठक में आगामी होली पर्व को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और नकली दवाओं की रोकथाम पर विशेष फोकस किया गया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि होली के दौरान विशेषकर दूध, दुग्ध उत्पाद, मिठाई और नमकीन की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। अन्य जनपदों से आने वाले खाद्य पदार्थों की भी अभिसूचना के आधार पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही छोटे रेहड़ी, पटरी व ठेला कारोबारियों को जागरूक करने और अनावश्यक उत्पीड़न से बचने के निर्देश दिए। लाइसेंस व पंजीकरण लक्ष्य प्राप्ति पर संतोष जताया गया।
उन्होंने स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, जननी सुरक्षा योजना से आच्छादित स्वास्थ्य केंद्रों व कैंटीन में पके भोजन की नियमित जांच के निर्देश दिए। खराब छवि वाले प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर कार्रवाई तथा नव निर्मित प्रयोगशाला के हस्तांतरण में आ रही बाधाएं दूर करने के निर्देश सहायक आयुक्त (खाद्य) को दिए गए।


अभिहित अधिकारी सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 612 नमूने लिए गए, जिनमें 58% फेल पाए गए। 273 कारोबारियों पर ₹53,98,000 अर्थदंड लगाया गया, जबकि तीन को कारावास व ₹11,000 दंड हुआ। 76 कारोबारियों को 3-5 स्टार हाईजीन रेटिंग और 822 को फॉस्टैक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र दिया गया। औषधि निरीक्षक सीमा वर्मा ने नकली दवाओं पर सघन निरीक्षण की जानकारी दी।