रिपोर्ट: अरुण यादव

आजमगढ़,।  जिले के मेंहनगर तहसील के ग्राम पंचायत कंझारी के उचित दर विक्रेता रामवृक्ष पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने के बाद जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के आदेश पर दुकान का अनुबंध पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की गई है।

ग्रामीणों राधेश्याम यादव और ओमप्रकाश यादव द्वारा फोन के माध्यम से शिकायत की गई थी कि विक्रेता रामवृक्ष अंगूठा लगवाकर राशन नहीं देता, निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न देता है और स्टॉक को काला बाज़ार में बेचता है।

शिकायत के बाद पूर्ति निरीक्षक, मेंहनगर द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई। 62 कार्डधारकों से पूछताछ और लिखित बयान लिए गए, जिसमें से 22 ने कम मात्रा में राशन मिलने की पुष्टि की। कुछ ने नियम के अनुसार राशन मिलने की बात भी कही।

जांच के दौरान विक्रेता की दुकान का स्टॉक सत्यापन किया गया। मौके पर गेहूं, चावल और चीनी का स्टॉक शून्य पाया गया, जबकि ई-पॉस मशीन और रिकॉर्ड के अनुसार दुकान में 39.61 कुंतल गेहूं, 54.16 कुंतल चावल और 3 किलो चीनी शेष होना चाहिए था। यह साफ संकेत देता है कि खाद्यान्न काला बाज़ार में बेचा गया।

स्टॉक रजिस्टर भी अपडेट नहीं था। दुकान पर टोलफ्री नंबर और उच्चाधिकारियों के मोबाइल नंबर प्रदर्शित नहीं थे, जो नियमों का उल्लंघन है। हालाँकि साइन बोर्ड, रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित पाए गए।

जांच रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट हुआ कि विक्रेता रामवृक्ष ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गम्भीर अनियमितताएं कीं, जो उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु वितरण नियंत्रण आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है।

पूर्ति निरीक्षक मेंहनगर ने विक्रेता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की और अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की सिफारिश की, जिसे जिलाधिकारी ने अनुमोदित कर दिया।