आजमगढ़। जिलाधिकारी के आदेशानुसार नगर विकास को लेकर एक नई पहल के तहत अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह ने नगर पालिका परिषद बिलरियागंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर की साफ-सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, प्रकाश व्यवस्था सहित विभिन्न बिंदुओं पर गंभीरता से समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण की शुरुआत नगर पालिका परिसर से हुई, जहां अपर जिलाधिकारी ने सबसे पहले भवन की स्थिति देखी। भवन की छत पर पानी जमा पाया गया तथा घास उगी हुई मिली। इस पर उन्होंने अधिशासी अधिकारी को तुरंत सफाई कराने व जल निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी पाया गया कि नगर पालिका की चहारदीवारी टूटी हुई है और मुख्य गेट भी नहीं लगा है। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि मरम्मत और गेट की व्यवस्था शीघ्र कराई जाए।
नगर क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिशासी अधिकारी प्रदीप शुक्ला ने बताया कि दिन में तीन बार सफाई कार्य कराया जाता है। निरीक्षण के समय सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। बावजूद इसके, अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सफाई कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और नियमित निगरानी रखी जाए।सड़क के किनारे सूखे पेड़-पौधे, झाड़-झंखाड़ और घास हटाने के भी निर्देश दिए गए। वहीं, मार्ग प्रकाश व्यवस्था की स्थिति पर असंतोष जताते हुए कहा गया कि कई स्थानों पर लाइटें खराब हैं, जिन्हें तुरंत बदला जाए। उन्होंने उजाले की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे कई पात्र लाभार्थी हैं जिन्होंने अभी तक आवेदन नहीं किया है। उन्होंने टीम बनाकर पात्र व्यक्तियों की सूची तैयार कर उन्हें योजना का लाभ देने की बात कही।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के सवाल पर अधिशासी अधिकारी ने बताया कि कुछ वार्डों में यह व्यवस्था लागू है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने सभी वार्डों में नियमित कूड़ा कलेक्शन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और इसमें लापरवाही बरतने पर कार्यवाही की चेतावनी दी।
नगर पालिका क्षेत्र में प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। उन्होंने टीम बनाकर अभियान चलाने, जब्ती और जुर्माना की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के अंतर्गत एम.आर.एफ. सेंटर का भी जायजा लिया गया। सेंटर पर सूखे कूड़े की छंटाई करते हुए कर्मचारी सक्रिय पाए गए, जिससे संतोष जताया गया। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एम.आर.एफ. सेंटर के चारों ओर पेड़ लगाए जाएं ताकि पर्यावरण की दृष्टि से भी यह स्थान उपयुक्त बन सके।
इसके अलावा उन्होंने वार्ड संख्या 25 शेखूपुर में सीसी रोड से जोड़ने वाले इंटरलॉकिंग कार्य का निरीक्षण किया, जो रामाश्रय के घर से शुरू होकर रमई के घर तक बन रहा है। कार्य की गुणवत्ता और प्रगति से वे संतुष्ट दिखे।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी प्रदीप शुक्ला, अध्यक्ष प्रतिनिधि कोमल पासवान, सभासद प्रतिनिधि फखरे आलम, लिपिक विजय बहादुर यादव सहित अन्य नगरवासी मौजूद रहे।
