आजमगढ़। डिजिटल दौर में मोबाइल की एक क्लिक ने बाजार की तस्वीर बदल दी है। कभी सर्दी के मौसम में जूतों की दुकानों पर उमड़ने वाली भीड़ अब स्क्रीन तक सीमित होती नजर आ रही है। ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते चलन ने स्थानीय व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है और इसका सीधा असर आजमगढ़ के जूता बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।

बढ़ती ठंड के बावजूद जिले में जूतों की बिक्री इस बार उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पा रही है। ठंड के मौसम में जहां आमतौर पर जूता दुकानों पर रौनक लौट आती थी, वहीं इस बार शहर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्राहक कम हैं और दुकानदार मायूस नजर आ रहे हैं।

शहर के मुख्य चौक और आसपास की जूता दुकानों की पड़ताल के दौरान व्यापारियों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पदमालय रेस्टोरेंट के बगल में स्थित कोहिनूर बूट हाउस के संचालक इरशाद अहमद ने बताया कि उनकी दुकान पिछले 35 वर्षों से संचालित है, लेकिन इस बार ठंड के मौसम में वैसी खरीदारी नहीं हो रही, जैसी पहले हुआ करती थी।

इरशाद अहमद के मुताबिक अब ग्राहक बाजार आने की बजाय घर बैठे मोबाइल के जरिए जूते मंगाना ज्यादा आसान और सुविधाजनक समझते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली छूट, होम डिलीवरी और डिजाइनों की भरमार ने पारंपरिक दुकानों को पीछे धकेल दिया है। इसका असर यह है कि नामी कंपनियों और स्थानीय ब्रांडों से सजी दुकानों के बावजूद ग्राहक कम ही नजर आ रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन बाजार की कड़ी प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ कमजोर आर्थिक स्थिति और महंगाई भी बिक्री पर असर डाल रही है। उनका मानना है कि यदि यही हाल रहा तो आने वाले समय में छोटे व्यापारियों के लिए बाजार में टिके रहना और भी मुश्किल हो सकता है।