रिपोर्ट: अरुण यादव


आजमगढ़। जिले  के कन्धरापुर थाना क्षेत्र में जीएसटी चोरी और संगठित आर्थिक अपराध के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास आयरन स्क्रैप की खेप की जांच में फर्जी फर्मों और कूटरचित ई-वे बिल का खुलासा हुआ था।

तीन सितंबर 2025 को राज्यकर सचल दल, आजमगढ़ के सहायक आयुक्त अविनाश चन्द्र राय ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट दो वाहनों को जांच के लिए रोका था। वाहन संख्या UP14GT63** और P810HX48** में आयरन स्क्रैप (HSN 7204) लदा था। जांच में सामने आया कि क्रेता-विक्रेता द्वारा अस्तित्वहीन और बोगस फर्मों के नाम पर कूटरचित इनवॉयस और ई-वे बिल जारी कर ओल्ड आयरन टीन टैपर स्क्रैप का परिवहन किया जा रहा था, जो जीएसटी अधिनियम-2017 की धारा 31 सहपठित नियम 46 और ई-वे बिल नियम 138 का उल्लंघन है। साथ ही यह अपराध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के अंतर्गत दंडनीय पाया गया।
मामले में सर्वश्री विद्या ट्रेडर्स (रायपुर), सर्वश्री अविराज ट्रेडिंग (शिमला), श्री मुनि जी ट्रांसपोर्ट कंपनी (पटना) सहित अन्य संगठित फ्रॉडस्टर समूहों की संलिप्तता पाई गई। इस संबंध में थाना कन्धरापुर पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई, जिसकी जांच व0उ0नि0 रमेश कुमार द्वारा की जा रही थी।
विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन, सीडीआर विश्लेषण और तकनीकी जांच में दो अभियुक्तों की भूमिका सामने आई। बुधवार को पुलिस ने विजय कुमार यादव,  निवासी श्रावस्ती और अविराज शर्मा  निवासी लखनऊ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि अविराज ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर पैन, आधार और मोबाइल नंबर के जरिए फर्जी पंजीयन कराया गया था। विभागीय जांच में फर्म कूटरचित पाई गई, जबकि उसके नाम पर माल की खरीद दर्शाकर राजस्व की हानि पहुंचाई गई।
सीडीआर विश्लेषण से यह भी सामने आया कि विजय कुमार यादव घटना के समय अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में था। साक्ष्यों के आधार पर कई धाराओं की बढ़ोत्तरी की गई है। अभियुक्तों को नियमानुसार गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किए हैं।