आज़मगढ़ मंडल में कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई और तस्करी का जाल लगातार गहरा होता जा रहा है। रांची (झारखंड) से आई भारी खेप के बाद अब मंडल की 12 नई मेडिकल फर्मों के नाम उजागर हुए हैं। इनमें आजमगढ़ व बलिया की 5-5 और मऊ की 2 फर्में शामिल हैं। तस्करी का माल वाराणसी, चंदौली, प्रतापगढ़, गाजीपुर, भदोही समेत कई जिलों में खपाया गया। पिछले दो वित्तीय वर्षों (2023–24 व 2024–25) में रांची से रिकॉर्ड सप्लाई मंगाई गई थी। इससे पहले आज़मगढ़ जिले में तीन लाइसेंस निलंबित हो चुके हैं, और अब पाँच और मेडिकल फर्में भी जांच के दायरे में आ गई हैं। औषधि विभाग नोटिस जारी करने की तैयारी में है, जिसके बाद लाइसेंस निलंबन तय माना जा रहा है।
कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में आजमगढ़ मंडल का शिकंजा और कसता जा रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि मंडल की कुल 12 मेडिकल फर्मों ने रांची से कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई ली थी। एसटीएफ की रिपोर्ट के अनुसार, आजमगढ़ और बलिया की पाँच–पाँच तथा मऊ की दो फर्मों पर अब संदेह की सुई और तेज हो गई है।
जांच में सामने आया है कि इन फर्मों ने रांची से सिरप मंगा कर उसे प्रदेश के कई जिलों — वाराणसी, चंदौली, प्रतापगढ़, गाजीपुर, भदोही आदि — में खपाया। दो वित्तीय वर्षों (2023-24 और 2024-25) में सिरप की खेप लगातार आती रही। इसमें आजमगढ़ की दो फर्मों ने अपना कुछ माल एएस फार्मा को भी बेचा, जबकि बलिया, मऊ और आजमगढ़ की बाकी फर्मों ने खुद ही अलग-अलग जनपदों में सप्लाई दी।
इधर जैसे-जैसे मामला उजागर हुआ, औषधि एवं ड्रग विभाग ने जांच की रफ्तार तेज की। पहले ही आजमगढ़ जिले में ज्ञान मेडिकल एजेंसी शिवमंदिर कुलमोदीपुर परशुरामपुर, शिवम मेडिकल एजेंसी परशुरामपुर और डीलक्स मेडिसिंस आसिफगंज के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। अब एसटीएफ द्वारा भेजे गए नए इनपुट से पाँच और मेडिकल फर्मों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिससे जिले में संख्या बढ़कर आठ पहुंच गई है।
विभाग अब इन सभी नई फर्मों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। नोटिस के बाद लाइसेंस निलंबन की औपचारिक कार्रवाई शुरू होगी। मंडल की इन 12 नई फर्मों द्वारा रांची से मंगाए गए सिरप की पूरी डिटेल निकाली जा रही है और सभी ट्रांजैक्शनों की जांच हो रही है।
सहायक आयुक्त औषधि गोविंद लाल गुप्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में आजमगढ़ मंडल की 12 फर्मों ने रांची से कोडीनयुक्त सिरप मंगाया था। इसकी डिटेल निकाली जा रही है। सभी फर्मों को नोटिस जारी किया जाएगा, इसके बाद लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
