आजमगढ़ । जिले में रमजान का पवित्र महीना पूरा होने के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार शनिवार को पूरे हर्षोल्लास, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया गया। जिले भर की ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा कर लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर बधाई दी।
एक माह तक चले पाक महीने रमजान के समापन के बाद शनिवार को आजमगढ़ जनपद में ईद-उल-फितर का पर्व धूमधाम से मनाया गया। जिले में करीब 636 स्थानों पर ईद की नमाज अता की गई, जिसमें 358 ईदगाह और 278 मस्जिदें शामिल रहीं। सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग नए कपड़े पहनकर ईदगाहों और मस्जिदों की ओर निकल पड़े, वहीं बच्चों में खास उत्साह देखने को मिला।
शहर के बदरका ईदगाह पर भारी संख्या में लोगों ने नमाज अता की, जहां नमाज के बाद सभी ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद लोगों ने घर-घर जाकर सेवईयों का आनंद लिया।
त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 1200 सिविल पुलिस बल, 3 कंपनी पीएसी, 24 क्यूआरटी टीमें, एलआईयू, 600 होमगार्ड, 350 पीआरडी जवान और डायल 112 की टीमें तैनात रहीं। जिले के आला अधिकारी भी लगातार निगरानी में जुटे रहे, जिसके चलते ईद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
इस मौके पर जनप्रतिनिधियों ने भी लोगों के बीच पहुंचकर बधाई दी। बदरका ईदगाह पर सांसद धर्मेंद्र यादव, एमएलसी गुड्डू जमाली और विधायक दुर्गा प्रसाद यादव समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे और लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं।
ईद के इस मुबारक मौके पर लोगों ने अमन-चैन और देश की तरक्की के लिए दुआएं मांगी। हालांकि, कुछ लोगों ने अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर चिंता भी जताई। ईरान और फिलिस्तीन से जुड़ी घटनाओं को लेकर कुछ लोग काला कपड़ा पहनकर विरोध जताते नजर आए और मस्जिद-अक्सा में नमाज को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
कुल मिलाकर आजमगढ़ में ईद का त्योहार भाईचारे, खुशियों और सौहार्द का संदेश देता नजर आया।
