आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय एवं मदर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में गोद लिए गए ग्रामों के अंतिम पायदान पर बैठे जरूरतमंदों को कंबल वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को शीत ऋतु में राहत प्रदान करना और गोद लिए गए गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित करना है।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में हुआ, जिसमें कुलपति प्रो. संजीव कुमार एवं मदद फाउंडेशन के संस्थापक कार्तिकेय सिंह ने लगभग 500 लोगों को कंबल वितरित किए। गोद लिए गए पांच ग्राम—सीही, सोनापुर, धरवारा, समेदा और महरुपुर—के साथ-साथ आस-पास के जरूरतमंद ग्रामीणों को भी लाभ पहुंचाया गया। कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा केंद्र नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह भी करता है। उन्होंने भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम चलाने का आश्वासन दिया।
कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने कहा कि यह पहल “ग्राम-विश्वविद्यालय सहभागिता” का सशक्त उदाहरण है, जबकि सहायक कुलसचिव डॉ. महेश श्रीवास्तव ने समाज के कमजोर वर्गों की सहायता का महत्व बताया। मदद फाउंडेशन के संस्थापक कार्तिकेय सिंह ने सहयोग की सराहना की और भविष्य में इसे और व्यापक बनाने की उम्मीद जताई।
ग्रामीणों ने कंबल प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की और विश्वविद्यालय एवं फाउंडेशन का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. परमानन्द पाण्डेय एवं डॉ. शिवेंद्र कुमार सिंह ने कुशलतापूर्वक किया। कुलपति ने कार्यक्रम का समापन करते हुए कहा कि भविष्य में इन ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।
