आज़मगढ़। साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज ज़िले में विभिन्न स्थानों पर व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आज़मगढ़ के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम के मार्गदर्शन में प्रथम बुधवार को आयोजित होने वाले अभियान के क्रम में स्मार्ट बाज़ार रैदोपुर में साइबर सेल द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक सागर कुमार रंगू, मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश जायसवाल, आरक्षी राहुल सिंह तथा यातायात पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से लोगों को जागरूक किया। अभियान में 1930 हेल्पलाइन, गोल्डन आवर, OTP फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, ऑनलाइन खरीद-फरोख्त ठगी, KYC अपडेट फ्रॉड सहित विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। नागरिकों को पम्पलेट वितरित कर साइबर हेल्पलाइन और पोर्टल के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
इसी क्रम में थाना अतरौलिया द्वारा ग्राम गोईजी स्थित रामअवतार इंटर कॉलेज में साइबर सुरक्षा पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आमजन को पासवर्ड सुरक्षा, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, फिशिंग-स्मिशिंग की पहचान, डेटा गोपनीयता व डिजिटल फुटप्रिंट के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों द्वारा साइबर जागरूकता पर नाटक प्रस्तुत किया गया और प्रश्न–उत्तर सत्र के माध्यम से जिज्ञासाएँ दूर की गईं।
थाना साइबर क्राइम आज़मगढ़ द्वारा I4C आयोजित NCSAM के तहत रानी की सराय स्थित साक्षी डिजिटल लाइब्रेरी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। टीम ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी ऐप/लिंक, बैंकिंग फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम, लोन/निवेश ऐप धोखाधड़ी, सेक्सटॉर्शन सहित तमाम साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया। सेक्सटॉर्शन से बचाव के लिए अनजान रिक्वेस्ट स्वीकार न करने, संदिग्ध वीडियो कॉल न उठाने और संदिग्ध कॉल पर कैमरा ढकने की सलाह दी गई।
सभी कार्यक्रमों में एक ही संदेश दोहराया गया कि साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
