
आजमगढ़। वर्ष 1993 मुंबई सिलसिलेवार बम ब्लास्ट मामले में सजा काट रहा अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम एक बार फिर चर्चा में है। बड़े भाई के निधन के बाद चालीसवें में शामिल होने के लिए उसने आजमगढ़ आने के लिए पैरौल मांगी है, लेकिन मामला कोर्ट में है , जिससे उसके आने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
अंडरवर्ल्ड डान अबू सलेम ने अपने बड़े भाई के चालीसवें में शामिल होने के लिए आजमगढ़ के सरायमीर स्थित पठान टोला में अपने घर आने के लिए दो हफ्ते की पैरौल मांगी है। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने इस अनुरोध का विरोध करते हुए पैरौल देने से मना कर दिया है। अबू सलेम वर्तमान में 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम ब्लास्ट मामले में सजा काट रहा है।
बता दें कि अबू सलेम के बड़े भाई, 55 वर्षीय अबू हकीम उर्फ चुनचुन अंसारी की बीमारी के कारण 14 नवंबर 2025 को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। भाई की मृत्यु का हवाला देते हुए अबू सलेम ने 14 दिनों की पैरौल मांगी है। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई हाईकोर्ट को सूचित किया है कि सलेम एक अंतरराष्ट्रीय अपराधी है और उसे पुलिस सुरक्षा के साथ 14 दिनों की बजाय केवल आपातकालीन दो दिन की पैरौल ही दी जा सकती है। इसके साथ ही पैरौल के दौरान होने वाले खर्च का वहन भी अबू सलेम को स्वयं करना होगा। इधर पैरौल मिलने की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण अब तक चालीसवें की तिथि तय नहीं हो सकी है।
गौरतलब है कि इससे पहले पहली बार करीब 19 वर्ष पहले अक्टूबर 2007 में अपनी मां के निधन पर अबू सलेम पैरौल पर आजमगढ़ आया था और अंतिम संस्कार में शामिल होकर वापस लौट गया था। इसके बाद दूसरी बार मां के चालीसवें में शामिल होने के लिए भी वह घर आया था।
अबू सलेम के संभावित आगमन को लेकर गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं।
