आजमगढ़ ।  बच्चों की खेल प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। कड़ाके की ठंड के बावजूद छात्रों ने मार्चपास्ट, पीटी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्ण प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी ने निष्पक्षता, सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष जोर देते हुए प्रतियोगिता को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मंगलवार को सुखदेव पहलवान स्पोर्ट्स स्टेडियम, आजमगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया। यह प्रतियोगिता 17 से 18 दिसंबर तक आयोजित की जा रही है। शुभारंभ अवसर पर जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलन और मशाल जलाकर, गुब्बारा एवं कबूतर उड़ाकर प्रतियोगिता की शुरुआत की।

शुभारंभ के बाद अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि कड़ाके की ठंड के बीच बच्चों ने मार्चपास्ट, पीटी प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भरपूर जोश और अनुशासन का परिचय दिया है। ठंड को ध्यान में रखते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अवधि को सीमित रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो बच्चे यहां प्रस्तुति नहीं दे सके, उन्हें आजमगढ़ महोत्सव में अवसर प्रदान किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने ठंड को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्टेडियम में अलाव और गर्म पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर अनुभवी चिकित्सकों की मेडिकल टीम की तैनाती, आवश्यक दवाओं और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने रेफरी और कोचों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रतियोगिता पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कराई जाए। किसी भी स्तर पर पक्षपात या भेदभाव नहीं होना चाहिए, ताकि वास्तविक प्रतिभा आगे आ सके। उन्होंने कहा कि इसके बाद मंडल और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं होंगी, इसलिए सही चयन बेहद जरूरी है।

जिलाधिकारी ने बच्चों की मेहनत की सराहना करते हुए सूर्य नमस्कार प्रस्तुति को विशेष रूप से प्रशंसनीय बताया। उन्होंने दिन छोटे होने और कोहरे की संभावना को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर प्रतियोगिता की अवधि बढ़ाने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक, खंड शिक्षा अधिकारी और संबंधित विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे।