आजमगढ़। जिले में चल रही ईसीसीई एजुकेटर भर्ती में अनियमितताओं के आरोप पर कई अभ्यर्थियों ने मंडलायुक्त विवेक कुमार से शिकायत की। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया शासनादेश के अनुरूप नहीं की गई और रेंडम सूची के आधार पर चयन किया गया है।
मंडलायुक्त ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार पाठक को तलब किया और उनसे रेंडम चयन का आधार बताने को कहा। बीएसए शासनादेश में ऐसे किसी प्रावधान का उल्लेख नहीं दिखा सके, जिस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और फिलहाल भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सूची निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 हजार से अधिक आवेदनों का अभिलेख सत्यापन कर अवरोही क्रम (मेरिट) के आधार पर नई फाइनल सूची तैयार की जाए।इस दौरान मंडलायुक्त ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और शासनादेश के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।
शिकायत करने वालों में ग्राम सैदपुर निवासी पूनम यादव, शिखा सिंह, ममता सिंह, नीलम यादव, वंदना यादव, नीतू यादव, अंजू यादव और रिया सिंह शामिल थीं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि बीएसए कार्यालय ने कम मेरिट वालों का चयन कर लिया, जबकि अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थियों को सूची से बाहर कर दिया गया।
इस बीच, सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें दो लोगों की बातचीत भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी बताई जा रही है। एक व्यक्ति खुद को बीएसए के एजेंट के रूप में तो दूसरा भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी एजेंसी का सदस्य बता रहा है। बातचीत में चयन और “कमिटमेंट” को लेकर चर्चा की गई है। हालांकि इस ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है।
बीएसए राजीव कुमार पाठक ने बताया कि
एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया को लेकर मंडलायुक्त से शिकायत हुई थी। इसी लिए मंडलायुक्त ने हमें बुलाया था। भर्ती प्रक्रिया पर अभी रोक है। अभी इस मामले में क्या होगा इसका अभी स्पष्ट निर्देश नहीं मिला है।
