रिपोर्ट: एसपी त्रिपाठी
आज़मगढ़। जिले के सगड़ी तहसील अंतर्गत अजमतगढ़ ब्लॉक स्थित पारनकुंडा गोशाला में हुए घटनाक्रम में दोषियों की पहचान करने में प्रशासन को पूरा दिन लग गया। देर शाम खंड विकास अधिकारी की ओर से ग्राम प्रधान, सचिव और केयर टेकर के खिलाफ जीयनपुर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जबकि कई लोग जांच के घेरे में है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
रविवार की सुबह सीडीओ परीक्षित खटाना और एडीएम प्रशासन राहुल विश्वकर्मा मौके पर पहुंचे और देर शाम तक जांच की। डीएम के निर्देश पर जांच में दोषी पाए गए ग्राम प्रधान राजमति देवी, ग्राम सचिव सुरेंद्र प्रसाद और केयर टेकर पप्पू शाही के खिलाफ जीयनपुर कोतवाली में तहरीर दी गई, जिस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली।
डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में एडीएम प्रशासन, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और एसपी ग्रामीण की संयुक्त टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तीन लोग प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
गौरतलब है कि शनिवार की रात करीब 12 बजे पारनकुंडा गोशाला में गो तस्कर पिकअप वाहन से घुस गए थे और गोवंश को ले जाने की तैयारी कर रहे थे। सूचना पर मऊ पुलिस के पहुंचते ही तस्कर फरार हो गए थे। मौके से एक पिकअप वाहन बरामद हुआ, जिसमें तीन गोवंश लदे थे, जबकि 12 से अधिक गोवंश बंधे मिले थे। जांच में यह भी सामने आया था कि गोशाला पर केवल केयर टेकर मौजूद था और कोई अन्य कर्मचारी या सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।
