रिपोर्ट: अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के तरवां बाजार में शनिवार को उस समय बवाल मच गया जब प्रसूता की मौत से आक्रोशित लोगों ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर को खेत में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

मिली जानकारी के अनुसार मेहनगर थाना क्षेत्र के मौलिया गांव की 25 वर्षीय रेनू पत्नी राजेश को गुरुवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन तरवां बाजार के निजी अस्पताल में भर्ती कराए थे। ऑपरेशन के बाद महिला को प्रसव हुआ, लेकिन अचानक अधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर डॉक्टर स्वयं महिला और नवजात को जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ देर बाद रेनू की मौत हो गई। घटना के बाद डॉक्टर मौके से फरार हो गया।

शव को लेकर परिजन घर पहुंचे। शुक्रवार को आक्रोशित परिजन अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर से बातचीत के बाद दो लाख रुपये मुआवजे पर समझौता कर लिया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन शनिवार सुबह जब परिजनों ने डॉक्टर से फोन पर संपर्क करना चाहा तो उसने कॉल रिसीव नहीं किया। इसी बात से गुस्साए करीब 25-30 लोग दोपहर में अस्पताल पहुंच गए।

विवाद बढ़ने पर डॉक्टर जान बचाकर खेत की ओर भागा, मगर भीड़ ने उसे दौड़ाकर पीटा। साथ ही अस्पताल में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। बवाल तरवां थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर हो रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और 13 लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले आई।

थानाध्यक्ष चंद्रदीप पासवान ने बताया कि सभी का शांतिभंग की धारा में चालान किया गया है। फिलहाल किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है।