आज़मगढ़। जिले के तरवां थाना क्षेत्र के सौ शैय्या अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के दौरान 12 वर्षीय दलित बालिका अंशिका की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों के साथ ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों लोगों की भीड़ ने अस्पताल परिसर में जोरदार हंगामा किया। हालात बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब सवा घंटे की मशक्कत के बाद अधिकारियों के समझाने पर परिजन माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

जानकारी के अनुसार, मदन राम की बेटी अंशिका पिछले कई दिनों से पैर में फोड़े की समस्या से पीड़ित थी। पिता उसे इलाज के लिए तरवां स्थित सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन दिए जाने के तुरंत बाद उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही गांव के लोग आक्रोशित हो गए और देखते ही देखते अस्पताल के बाहर भारी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई।

स्थिति की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार मनोज गिरी, सीओ लालगंज भूपेश पांडेय तथा तरवां, मेंहनगर, फूलपुर सहित करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने परिजनों और भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे।

नायब तहसीलदार मनोज गिरी ने बताया कि परिजनों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, तब जाकर वे शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेज दिया और जांच शुरू कर दी है।