आजमगढ़। जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के हुसेनगंज गांव में ग्रामीणों और कत्था फैक्ट्री संचालक के बीच जहरीले पानी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गांव वालों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री का दूषित पानी ग्राम सभा की पोखरी में मिल रहा है, जिससे पशु, पक्षी और किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन देरी के कारण ग्रामीणों ने फैक्ट्री के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

बीते 22 दिसंबर को ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी सदर को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया था कि गांव निवासी राकेश गुप्ता कत्था फैक्ट्री संचालित कर रहे हैं और फैक्ट्री का गंदा पानी गांव की पोखरी में जा रहा है। इस पोखरी में ग्रामीण अपने पशु नहाते हैं और पानी पीते हैं। गांववालों का कहना है कि फैक्ट्री संचालक पीडब्ल्यूडी से परमिशन लेकर सड़क को तोड़कर पाइप के जरिए जहरीला पानी पोखरी में मिलाना चाहते हैं, जिससे पशु-पक्षियों को खतरा है और किसानों की फसलें भी बर्बाद हो रही हैं।


ग्रामीणों ने एसडीएम सदर से जनहित में फैक्ट्री का जहरीला पानी रोकने की मांग की। एसडीएम ने पुलिस और राजस्व विभाग की टीम को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
जब दो दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो तीसरे दिन गुरुवार को ग्रामीणों ने फैक्ट्री के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पुलिस और राजस्व की टीम पहुंची और फैक्ट्री संचालक को पानी रोकने के निर्देश दिए।


तहसीलदार सदर विवेकानंद दुबे ने बताया कि फैक्ट्री संचालक को दूषित पानी और अपशिष्ट रोकने के लिए कहा गया है, यह कानूनन जुर्म है। वहीं, फैक्ट्री संचालक राकेश गुप्ता का कहना है कि फैक्ट्री का पानी पोखरी में नहीं जाता और इसके लिए अलग व्यवस्था की गई है; पोखरी में सिर्फ घर का पानी जाता है।