रिपोर्ट: अरुण यादव

आजमगढ़। विभिन्न समाचार पत्रों में अलग-अलग तरह के लुभावने ऑफर के साथ लोन दिलाने का लालच देकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले शातिर अभियुक्त को थाना साइबर क्राइम पुलिस  आज़मगढ़ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना समेत कई सरकारी व निजी योजनाओं के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था। पुलिस का दावा है कि इसने अब तक 50 से अधिक लोगों को अपना शिकार बानाकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है।

पिछले वर्ष ग्यारह अप्रैल को शिकायतकर्ता प्रतीक पुंडकर निवासी गाडगे नगर, अमरावती (महाराष्ट्र) द्वारा NCRP पोर्टल पर शिकायत संख्या  दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की गई, जिसके बाद थाना साइबर क्राइम पर सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रवीन गौड़ पुत्र मुसाफिर गौड़, निवासी ग्राम गोछरन, थाना बाँसगाँव, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। वह वर्तमान में आज़मगढ़ जिले के जिबली, थाना बरदह में रहता है।  पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से  तीन अदद एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एक कीपैड मोबाइल फोन तथा पांच फर्जी सिम कार्ड (गैर-राज्य, पंजाब) बरामद किए हैं।

एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त पहले एक लोन दिलाने वाली कंपनी में काम करता था। जब यह उस कंपनी से निकला तो  इसने कंपनी डेटा ही चुरा लिया और अपने फर्जी लोन अधिकारी बन गया। उन्होंने बताया कि अभियुक्त विभिन्न समाचार पत्रों में मुद्रा फाइनेंस, मुद्रा रोजगार योजना लोन, पर्सनल लोन, मार्कशीट लोन, बिजनेस लोन, प्रॉपर्टी लोन, महिलाओं के लिए ग्रुप लोन और लघु उद्योग लोन के नाम से लुभावने विज्ञापन प्रकाशित कराता था। हर विज्ञापन में अलग-अलग फर्जी मोबाइल नंबर अंकित किए जाते थे। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों से अभियुक्त प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज और ऑफिस खर्च के नाम पर धनराशि अपने द्वारा संचालित फर्जी (म्यूल) खातों में मंगवाता था। इसके बाद वह अलग-अलग स्थानों पर स्थित जन सेवा केंद्रों से नकद निकासी कर लेता था।

लोगों का विश्वास जीतने के लिए अभियुक्त ने कई नाम से फर्जी ई-मेल आईडी भी बना रखी थीं। इन ई-मेल आईडी के माध्यम से टारगेट व्यक्तियों को टेक्स्ट मैसेज व थैंक यू संदेश भेजे जाते थे। एक बार व्यक्ति इसके जाल में फंसने के बाद उससे अलग-अलग चरणों में लगातार धनराशि ऐंठी जाती थी।