रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़। सरकारी दवाओं की कालाबाजारी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) गोरखपुर की टीम ने बुधवार दोपहर जिला अस्पताल के बाहर छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पकड़े गए व्यक्ति को पूछताछ के बाद ड्रग इंस्पेक्टर सीमा वर्मा को सौंप दिया गया, जिन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला मंडलीय चिकित्सालय के फार्मासिस्ट समेत दो लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है।
ड्रग इंस्पेक्टर सीमा वर्मा के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी प्रमोद कुमार सिंह सरकारी दवाओं को मंडलीय अस्पताल के फार्मासिस्ट रामानंद यादव की मिलीभगत से बाहर निकालता था। ये दवाएं ग्रामीण इलाकों के झोलाछाप चिकित्सकों को बेची जाती थीं। आरोपी ने स्वीकार किया कि दोनों लोग दवाएं बेचकर मिलने वाले पैसे को आपस में बांटते थे।
इस बीच, मामले के तूल पकड़ने के बाद सीएमएस डॉ. ओम प्रकाश ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि फार्मासिस्ट की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ विभागीय दंडात्मक कार्रवाई तय है।
वही पुलिस आरोपी प्रमोद से और जानकारी जुटा रही है ताकि यह पता चल सके कि दवाओं की कालाबाजारी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
