रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़ । जिले के सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के रामनगर गांव में इंसानियत और भाईचारे की एक मिसाल देखने को मिली। पांच हिंदू भाइयों ने मुस्लिम समुदाय के लिए लगभग 30 लाख रुपये मूल्य की जमीन दान की। अब हाजीपुर गांव के पास मुस्लिम समुदाय के पास अपने शवों को दफनाने के लिए स्थायी जमीन मौजूद होगी।
हाजीपुर निवासी मुनव्वर अहमद ने बताया कि उनके पास खुद की कोई जमीन नहीं थी और हर बार शवों को दफनाने के लिए रसूलपुर गांव के कब्रिस्तान में अनुमति लेनी पड़ती थी। यह समस्या सुनते ही रामनगर निवासी राकेश सिंह ने अपने भाइयों—अखिलेश सिंह, सुधाकर सिंह, दिनेश सिंह और ओंकार सिंह—से विचार-विमर्श किया और यह सराहनीय फैसला लिया।
राकेश सिंह और उनकी पत्नी मालती सिंह, जो अपना दल (एस) से जुड़ी हैं, स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं। हालांकि कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक नजरिए से जोड़ने की कोशिश की, लेकिन राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कदम पूरी तरह इंसानियत और भाईचारे के लिए है।
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस कदम की जमकर सराहना की और इसे धर्म से ऊपर उठकर समाज में सहअस्तित्व और भाईचारे की मिसाल बताया। यह घटना साबित करती है कि जब समाज के लोग एक-दूसरे का हाथ थामते हैं, तो किसी भी मुश्किल को आसान बनाया जा सकता है।
