आजमगढ़। बच्चों को कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखने और उनके शारीरिक व मानसिक विकास को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर अभियान का शुभारम्भ किया और बच्चों व अभिभावकों को कृमिनाशक दवा के प्रति जागरूक किया।
जूनियर हाई स्कूल जाफरपुर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का भव्य शुभारम्भ जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार द्वारा छात्र-छात्राओं को अल्बेन्डाजोल की दवा खिलाकर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के स्काउट-गाइड के बच्चों द्वारा सलामी एवं तालियों के साथ स्वागत से हुई, जिससे वातावरण उत्साहपूर्ण हो गया।
दवा वितरण से पूर्व जिलाधिकारी ने स्वयं अल्बेन्डाजोल दवा का सेवन कर यह संदेश दिया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। उन्होंने बताया कि कृमिनाशक दवा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक तीव्रता और शारीरिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। पेट में कीड़े होने से बच्चों में कुपोषण, एनीमिया और कमजोरी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें इस दवा से रोका जा सकता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोरों के लिए संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे किसी कारणवश आज दवा नहीं ले पाएंगे, उनके लिए 13 फरवरी को मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र बच्चा दवा से वंचित न रह जाए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अल्बेन्डाजोल की दवा अवश्य दिलाएं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने कहा कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और बच्चों के पोषण स्तर व मानसिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी है। वहीं डिप्टी सीएमओ एवं नोडल एनडीडी डॉ. अरविंद चौधरी ने बताया कि अभियान के तहत जनपद के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर निःशुल्क दवा दी जा रही है।
इस अवसर पर शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
