रिपोर्ट: आशीष निषाद

अतरौलिया,आज़मगढ़। जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के शेखपुरा गांव में पति-पत्नी के विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। नौकरी की लालच में पति ने अपनी दूसरी पत्नी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसके चलते पीड़िता न्याय की गुहार लेकर परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने ग्राम सचिव के पास पहुंची।

जानकारी के अनुसार, शेखपुरा निवासी प्रदीप कनौजिया पुत्र सभाजीत की पहली शादी शशिकला से हुई थी, जो अध्यापिका थीं और जिनका निधन हो गया। पहली पत्नी के निधन के बाद प्रदीप को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली। पहली पत्नी के जीवनकाल में ही प्रदीप का संबंध सेमरी, आज़मगढ़ निवासी सोनी  कनौजिया  से बन गया। सोनी की पहली शादी 2015 में जलालपुर निवासी से हुई थी। वर्ष 2022 में दोनों ने भैरव बाबा मंदिर में आपसी सहमति से शादी की।

पीड़िता सोनी का आरोप है कि प्रदीप ने चार साल तक कोर्ट मैरिज का हवाला देकर उसके साथ दांपत्य संबंध बनाए, लेकिन नौकरी मिलने के बाद पत्नी के रूप में स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदीप और उसके परिजन लगातार उन्हें धमकाते और मारपीट करते हैं। सोनी ने बताया कि प्रदीप ने चार लाख रुपए भी लिए और जब उनका गर्भ रुका तो दवाई खिलाकर गर्भपात करवाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम प्रधान सुरजीत कुमार की अध्यक्षता में गांव में खुली बैठक बुलाई गई। बैठक में पीड़िता ने रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाई। हालांकि, विवाद गहराने के कारण समाधान फिलहाल न्यायालय से ही संभव बताया गया। ग्राम सभा के अन्य सदस्यों राघवेंद्र सिंह और हेमंत कुमार सिंह ने भी कहा कि विवाह हुआ है, लेकिन विवाद का निपटारा न्यायालय से ही हो सकता है।

पीड़िता ने प्रशासन से न्याय दिलाने और परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने की मांग की और कहा कि उसकी जान को भी खतरा है।