आजमगढ़ । नगर के हरिऔध कला केन्द्र में मण्डलायुक्त विवेक, डीआईजी सुनील कुमार सिंह, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना की मौजूदगी में हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन ने एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया। इसमें जनपद के सुदूर गाँवों से लेकर शहर तक, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
मण्डलायुक्त ने कहा कि यह कार्यक्रम उन छुपे हुए हीरों की पहचान है जो समाज में अनदेखे रह जाते हैं। जैसे इमारत की मजबूती नींव पर टिकती है, वैसे ही किसी व्यवस्था की मजबूती जमीनी कर्मियों पर निर्भर है। उन्होंने गिलहरी के योगदान की मिसाल देते हुए कहा कि कोई भी कार्य छोटा नहीं होता, बल्कि निष्ठा और तन्मयता से किया गया कार्य ही बड़ा बनता है।

हर पेशा सम्माननीय, छोटे योगदान की बड़ी अहमियत
मण्डलायुक्त ने कहा कि मोची होना बुरा नहीं है, लेकिन खराब जूते सिलना बुरा है। डाक्टर और सफाई कर्मी दोनों समाज में बराबर योगदान देते हैं; एक बीमारी का इलाज करता है, दूसरा बीमारी को आने से रोकता है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में केवल सरकारी विभागों के ही नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र में समाज हित में कार्य करने वाले और स्वेच्छा से सेवा देने वाले लोग भी शामिल हैं। सरकार सबका साथ–सबका विकास की नीति पर कार्य कर रही है और सबका साथ तभी मिलेगा जब सबका सम्मान होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इसका महत्व और बढ़ जाता है।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, एकता का संदेश
मण्डलायुक्त ने विभाजन की त्रासदी का ज़िक्र करते हुए श्रीमती सुदर्शन कौर को नमन किया, जो विभाजन के समय लाहौर से 13 वर्ष की उम्र में भारत आई थीं। उन्होंने कहा कि यह घटना हमें एकजुट और अखंड रहने की सीख देती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि चाहे हम फ्रैंडशिप डे या मदर्स डे मनाएँ, लेकिन सबसे बड़ा दिन स्वतंत्रता का दिवस है, जिसे पूरे सम्मान और उत्साह से मनाना चाहिए।

डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि समाज हित में कार्य करने वाले इन लोगों का सम्मान दूसरों को प्रेरित करेगा। दिव्यांग साथियों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने हौसले से भारत के लिए मेडल जीते और समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बने।
डीआईजी ने अपील की कि यदि कहीं भी तिरंगा झंडा ज़मीन पर मिले तो उसे ससम्मान उठाकर सुरक्षित स्थान पर रखें और अपमान करने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

विभिन्न क्षेत्रों के सम्मानित चेहरे और प्रदर्शनी का उद्घाटन
समारोह में राजस्व विभाग, शिक्षा, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, मनरेगा, पुलिस, स्वास्थ्य, बैंकिंग, कृषि, सामाजिक कार्य, स्वयं सहायता समूह, दिव्यांगजन, ओडीओपी और युवा उद्यमिता से जुड़े कई लोगों को प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

साथ ही प्रशासनिक व पुलिस सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, प्रभागीय निदेशक, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, अधिशासी अभियंता, उपायुक्त उद्योग और अन्य अधिकारियों को मोमेंटो व अंगवस्त्र प्रदान किए गए। इससे पहले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी का मण्डलायुक्त और डीआईजी ने फीता काटकर उद्घाटन किया और विभाजन पीड़ित परिवार की सदस्य श्रीमती सुदर्शन कौर को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में जनपद स्तरीय अधिकारी, गणमान्य नागरिक और विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
