रिपोर्ट: एसपी त्रिपाठी

आजमगढ़। जिला मुख्यालय से दिल्ली जाने वाली कैफियात एक्सप्रेस की जनरल बोगी हमेशा यात्रियों से भरी रहती है। लोग अक्सर छह घंटे पहले ही ट्रेन की जनरल बोगी में बैठकर सफर का इंतजार शुरू कर देते हैं।

दिल्ली से आजमगढ़ आते समय भी खुरासन रोड से ही यात्री दिल्ली जाने के लिए पहले से बोगी में बैठना शुरू कर देते हैं। स्टेशन पर पहले से ही लोग ट्रेन के आने का बेसब्री से इंतजार करते हैं और ट्रेन आते ही पूरी बोगी भर जाती है।

बुधवार को दोपहर लगभग एक बजे, प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ी कैफियात एक्सप्रेस में काफी चहल-पहल देखी गई। कुछ यात्री ट्रेन में चढ़ रहे थे, कुछ उतर रहे थे। वहीं, कई लोग सुरक्षित फुट ओवरब्रिज का उपयोग किए बिना सीधे रेलवे लाइन पार करके प्लेटफार्म पर पहुंचे और ट्रेन में सवार हो गए।

सामने आया कि कुछ लोग सुबह 11 बजे या 12 बजे से ही बोगी में बैठे थे। इनमें कुछ दिल्ली और कुछ गाजियाबाद जाने वाले यात्री थे। कई यात्रियों को स्लीपर क्लास का टिकट नहीं मिला था और फर्स्ट एसी उनके बजट से बाहर होने के कारण वे मजबूरी में जनरल बोगी में सफर कर रहे थे। सबसे बड़ी बात यह थी कि बड़े-बुजुर्गों के साथ बच्चे भी भीड़ में सफर कर रहे थे।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन की जनरल बोगी में लोग खुरासन रोड से ही बैठना शुरू कर देते हैं। हालांकि यह नियमों के खिलाफ है, लेकिन आरपीएफ इस मामले में मानवता के कारण यात्रियों को रोक नहीं पाती।

निकेश कुमार, स्टेशन मास्टर, आजमगढ़ रेलवे स्टेशन ने बताया कि आजमगढ़ से नहीं बल्कि खुरासन रोड से ही लोग जनरल बोगी में सीट बुक करने के लिए चढ़ने लगते हैं। यह नियम विरुद्ध है, लेकिन मानवता के कारण आरपीएफ कुछ नहीं कह पाती।