आज़मगढ़ । जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र में पुलिस ने खुद को उप-निरीक्षक बताकर शादी करने, दहेज लेने और वर्दी पहनकर लोगों को धमकाने वाले शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से फर्जी पुलिस दस्तावेज़ और दरोगा की वर्दी बरामद हुई है।

बीते चार सितंबर को  काजल यादव निवासी मिठ्ठनपुर हादीअली थाना निजामाबाद ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि अभियुक्त प्रदीप यादव ने स्वयं को पीएसी सिपाही एवं उप-निरीक्षक बताकर  16 फरवरी 2022 को उससे विवाह किया। विवाह के दौरान लगभग ₹8 लाख नकद, सोने के आभूषण व घरेलू सामान लिया गया।
शादी के बाद अभियुक्त और उसके परिजनों द्वारा अतिरिक्त दहेज व वाहन की मांग को लेकर वादिनी को प्रताड़ित किया गया। इतना ही नहीं, अभियुक्त ने वर्ष 2023 की UPSI भर्ती में चयन का झांसा देकर मेडिकल के नाम पर ₹1 लाख और वसूल लिए।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त का पुलिस विभाग से कोई भी संबंध नहीं है। इस आधार पर थाना निजामाबाद पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। यही नही पुलिस की गिरफ्त में न आने पर माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध NBW एवं धारा 84 BNSS का आदेश भी जारी किया गया था।

शनिवार को सूचना प्राप्त हुई कि अभियुक्त पीड़िता को धमकाने के उद्देश्य से पुलिस वर्दी पहनकर आया है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके से अभियुक्त प्रदीप यादव पुत्र मोतीलाल यादव निवासी ग्राम मड़ना थाना अहरौला को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त के पास से उप-निरीक्षक की वर्दी, फर्जी पुलिस आई-कार्ड, कूटरचित नियुक्ति पत्र, मोबाइल फोन, पहचान पत्र तथा नकद रुपये बरामद किए गए।


पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने अच्छी शादी और धन लाभ के लालच में फर्जी दस्तावेज़ तैयार कराए थे। वह स्वयं को प्रयागराज के थाना कर्नलगंज में तैनात बताकर किराए के कमरे में रहता था और पुलिस वर्दी का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह कर धन अर्जित करता रहा।