आजमगढ़। शिबली नेशनल कॉलेज के परिसर में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने विज्ञान वर्ग के शोधार्थियों के कोर्स वर्क का स्थलीय अवलोकन किया और शोधार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं को सुना। कुलपति ने शोध की गुणवत्ता बढ़ाने और लाइब्रेरी संसाधनों के उपयोग पर भी जोर दिया।
बुधवार शिबली नेशनल कॉलेज आजमगढ़ में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने विज्ञान वर्ग के शोधार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने शोधार्थियों के कोर्स वर्क और पठन-पाठन की समस्याओं को समझा और सुझाव दिए। रसायन विज्ञान की शोधार्थी प्रतिमा गुप्ता ने कंप्यूटर युक्त लाइब्रेरी की आवश्यकता जताई, जिस पर कुलपति ने लाइब्रेरी के क्यूआर कोड से जुड़ने की सुविधा के बारे में बताया।
गणित के शोधार्थी सूरज यादव ने जौनपुर से आने वाली कठिनाइयों का उल्लेख किया, तो कुलपति ने कहा कि शोध के दौरान छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करना सीखना होगा। भौतिकी की शोधार्थी सौम्या प्रजापति की समस्याओं पर उन्होंने शिक्षकों को छात्रों को पहाड़ा पढ़ाने और कैलकुलेटर देने का निर्देश दिया। वनस्पति विज्ञान की शोधार्थी श्रेया यादव ने उपस्थिति में रियायत की मांग की, जिस पर कुलपति ने कहा कि 75% उपस्थिति अनिवार्य है, विशेष परिस्थितियों में 5% छूट दी जा सकती है।
कुलपति ने शोधार्थियों को मोबाइल और इंटरनेट के उपयोग में संतुलन बनाने, सतही अध्ययन से बचने और गहराई से अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शोधार्थियों को अपने गुरु के प्रति पिता तुल्य व्यवहार करना चाहिए और अपने ज्ञान को समाज की अपेक्षाओं के अनुसार बढ़ाना चाहिए।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अफसर अली, वरिष्ठ प्रो. खालिद, विज्ञान वर्ग के समन्वयक सैयद ताहिर हुसैन, डॉक्टर अहमद, डॉक्टर कौशिक, डॉक्टर सादिक खान, डॉक्टर सिराज अहमद खान, प्रो. प्रकाश चंद, डॉ. प्रवेश, डॉ. जयप्रकाश, कुलपति की सहायक भूपेंद्र पांडे और अन्य प्राध्यापक तथा शोधार्थी उपस्थित रहे।
