रिपोर्ट: अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के अहरौला थाने की पुलिस ने क्षेत्र के दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों की चल संपत्ति को पुलिस ने कुर्क कर दिया। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर 30 और 30 मार्च को की गई। दोनों आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे और कोर्ट में आत्मसमर्पण भी नहीं कर रहे थे।

20 जुलाई 2024 को अहरौला थाने में एक पिता ने शिकायत दर्ज की कि 19 जुलाई को शाम छह बजे उनकी 12 वर्षीय बेटी के साथ अमित पांडेय ने भोगइचा गांव में रास्ते में छेड़खानी कर गाली-गलौज व मारपीट की। पुलिस एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुट गई। अमित पांडेय न तो गिरफ्तार हुआ और न ही कोर्ट में पेश हुआ। इसके चलते छह सितंबर 2024 को गैर-जमानती वारंट और 11 नवंबर 2024 को धारा 84 बीएनएसएस के तहत फरारी की घोषणा जारी हुई। भोगइचा गांव में 24 नवंबर 2024 को मुनादी कराई गई और नोटिस चस्पा किया गया। 28 मार्च 2025 को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), आजमगढ़ ने धारा 85 बीएनएसएस के तहत कुर्की का आदेश दिया। 31 मार्च 2025 को उपनिरीक्षक निशिकांत ने ग्राम प्रधान और परिजनों की मौजूदगी में अभियुक्त के घर की चल संपत्ति कुर्क की।
नूर मोहम्मद की संपत्ति कुर्क


अहरौला थाना क्षेत्र के गढ़ा गांव निवासी नूर मोहम्मद के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज है। अभियुक्त लंबे समय से गिरफ्त से बाहर है। न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी, आजमगढ़ के आदेश के बाद 30 मार्च 2025 को उपनिरीक्षक विजयी ने पुलिस टीम के साथ गढ़ा गांव में कुर्की की कार्रवाई की। ग्राम प्रधान हरिकेश यादव और अन्य गवाहों व अभियुक्त के परिजनों की मौजूदगी में नूर मोहम्मद के घर की चल संपत्ति कुर्क की गई।