आजमगढ़, । उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के क्रम में शुक्रवार को तहसील विधिक सेवा समिति-सदर, आजमगढ़ द्वारा विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।

शिविर में प्रमुख रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव  अंकित वर्मा ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसी को कोई कानूनी समस्या है और उसका समाधान नहीं हो पा रहा है, तो वह व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकता है। संबंधित प्राधिकारी उस प्रार्थना पत्र का निस्तारण करता है।

सचिव वर्मा ने बताया कि यदि कोई बंदी गरीब एवं असहाय है और न्यायालय से जमानत मिल जाने के बावजूद जेल में है, तो लीगल एड डिफेन्स काउंसिल की ओर से उसे निःशुल्क विधिक सहायता दी जाती है, ताकि वह कानूनी न्याय प्राप्त कर सके।

जिला प्रोबेशन अधिकारी ध्रुव चन्द्र त्रिपाठी ने शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करना है।

कार्यक्रम में चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल श्री आशीष कुमार राय ने कहा कि 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता” अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत नागरिक सुलह-समझौता केन्द्र में जाकर अपने लंबित वादों को आपसी सहमति से हल कर सकते हैं।

संदीप कुमार यादव ने आंतरिक परिवाद समिति के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जहां 10 या उससे अधिक महिलाएं कार्यरत हैं, वहां ऐसी समिति का गठन आवश्यक होता है। महिला कर्मचारी किसी भी प्रकार की शिकायत को इस समिति में दर्ज करा सकती हैं, और उसका त्वरित समाधान किया जाता है।साथ ही, श्री यादव ने NALSA हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर कॉल करके निःशुल्क विधिक सलाह प्राप्त कर सकता है।